भिलाई/दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को बेचने की चर्चाओं के बीच इस्पात मंत्रालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्टीकरण जारी कर इन खबरों को गलत बताया है। मंत्रालय ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की कतरनें साझा करते हुए संयंत्र की बिक्री से जुड़े दावों का खंडन किया। वहीं, BSP प्रबंधन ने भी बिक्री की खबरों को भ्रामक करार दिया है। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
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भाजपा की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और भिलाई नगर विधायक रिकेश सेन ने बिक्री की चर्चाओं पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं से दावों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने पहले संयंत्र में अदाणी समूह के संभावित दौरे को लेकर आशंका जताई थी।
इस्पात मंत्रालय और BSP प्रबंधन ने क्या कहा?
भिलाई स्टील प्लांट की बिक्री को लेकर फैल रही खबरों के बीच इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्रालय ने संबंधित खबरों को गलत बताया। BSP प्रबंधन ने भी सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में प्रसारित हो रही खबरों को असत्य और भ्रामक करार दिया है।
प्रबंधन के अनुसार, मंत्रालय ने इन दावों का खंडन किया है और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी संबंधित खबरों को गलत बताया है। प्रबंधन ने कर्मचारियों, उनके परिवारों और प्रदेश के लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
लक्ष्मी वर्मा बोलीं- कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही
भाजपा की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने BSP को निजी हाथों या अदाणी समूह को सौंपे जाने की खबरों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर दुष्प्रचार कर रही है और जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही है।
वर्मा ने कांग्रेस नेताओं से अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों के पक्ष में प्रमाण नहीं हैं, तो संबंधित नेताओं को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
‘छत्तीसगढ़ के सम्मान से जुड़ा है भिलाई स्टील प्लांट’
लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और लाखों श्रमिकों के परिश्रम का प्रतीक है। उनके मुताबिक, संयंत्र का महत्व प्रदेश की औद्योगिक विरासत और हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक देवेंद्र यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठा रही है। वर्मा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार संयंत्र के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार के लिए काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
विधायक रिकेश सेन ने भी मांगे प्रमाण
भिलाई नगर के भाजपा विधायक रिकेश सेन ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर BSP की बिक्री को लेकर चल रही चर्चाओं पर आपत्ति जताई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक देवेंद्र यादव से सवाल किया कि यदि संयंत्र को अदाणी समूह द्वारा खरीदे जाने का दावा किया जा रहा है, तो उसके समर्थन में प्रमाण सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
सेन ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट शहर के मान-सम्मान से जुड़ा है। ऐसे संवेदनशील विषय पर बयान देने से पहले तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार संयंत्र के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और राजनीतिक विवाद में भिलाई की छवि को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
भूपेश बघेल के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
BSP की बिक्री को लेकर विवाद तब तेज हुआ, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संयंत्र में अदाणी समूह के संभावित दौरे का जिक्र करते हुए सवाल उठाए थे। उन्होंने आशंका जताई थी कि इस दौरे का संबंध संयंत्र को निजी हाथों में सौंपने की योजना से हो सकता है।
हालांकि, इस्पात मंत्रालय और BSP प्रबंधन ने बिक्री से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ऐसे में संयंत्र की बिक्री से संबंधित किसी भी दावे को आधिकारिक पुष्टि और विश्वसनीय प्रमाणों के आधार पर ही देखा जाना जरूरी है।





