गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगल में तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा बलों ने मौके से करीब 2.5 किलोग्राम वजनी टिफिन आईईडी और चार यूबीजीएल राउंड बरामद किए। बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विस्फोटकों को नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट कर दिया। इससे सुरक्षा बलों और आसपास के ग्रामीणों पर मंडरा रहा संभावित खतरा टल गया।
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खुफिया सूचना पर जंगल में चलाया अभियान
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को खुफिया सूचना के आधार पर सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन की एफ कंपनी और गरियाबंद जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया। टीम ने मैनपुर थाना क्षेत्र के कुल्हाड़ीघाट, कठवा और गवरमुड के घने जंगलों में तलाशी ली।

इस दौरान गवरमुड के पास एक पुलिया के नजदीक संदिग्ध सामग्री मिलने पर सुरक्षा बलों ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर दी। विस्फोटक होने की आशंका को देखते हुए सीआरपीएफ के बम खोज एवं निष्क्रियकरण दस्ते (बीडीएस) को मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान जमीन के भीतर छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का पता चला।
टिफिन आईईडी समेत कई सामान बरामद
तलाशी में करीब 2.5 किलोग्राम वजन की एक टिफिन आईईडी, चार यूबीजीएल राउंड और दो मीटर कोडेक्स वायर बरामद किए गए। इसके अलावा 15 खाली खोखे, दवाइयां और रोजमर्रा के उपयोग का सामान भी मिला है।

बरामद विस्फोटक संवेदनशील होने के कारण सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरती। बीडीएस की टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत टिफिन आईईडी और चारों यूबीजीएल राउंड को नियंत्रित विस्फोट के जरिए मौके पर ही नष्ट कर दिया।
सुरक्षा बलों ने अभियान जारी रखने की कही बात
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते विस्फोटकों का पता लगने से संभावित खतरे को टालने में मदद मिली। जंगल में विस्फोटक छिपाकर रखे जाने से सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान जवानों और आसपास के ग्रामीणों की जान को खतरा हो सकता था।
सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन और गरियाबंद जिला पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान जारी रखने की बात कही है।




