रायपुर। राजधानी में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई लगातार जारी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और अलग-अलग थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में महज 24 घंटे के भीतर गांजा तस्करी के दो मामलों का खुलासा किया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 1 क्विंटल 27 किलो से अधिक गांजा जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान दो अंतरराज्यीय तस्करों समेत पांच आरोपियों और विधि के साथ संघर्षरत एक बालक को पकड़ा गया है।

पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे और अन्य सामग्री की कुल कीमत करीब 64 लाख रुपये है। कार्रवाई पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला, डीसीपी मध्य तारकेश्वर पटेल और डीसीपी पश्चिम रॉबिन्सन गुरिया की निगरानी में की गई।
फाफाडीह में ऑटो से 82.51 किलो गांजा बरामद
पहली कार्रवाई गंज थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को 7 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि पचपेड़ी नाका की तरफ से एक ऑटो में तीन लोग गांजा लेकर रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और गंज पुलिस की टीम ने संदिग्ध ऑटो की तलाश शुरू की।
पुलिस टीम ने ऑटो को फाफाडीह चौक स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास रोककर तलाशी ली। ऑटो में सवार तीन लोगों के पास मौजूद ट्रॉली बैग की जांच की गई तो उसमें गांजा मिला। पुलिस ने 82.51 किलोग्राम गांजा बरामद किया।
इस मामले में पुलिस ने मुकुंद शर्मा (27), गोपाल वर्मा उर्फ गोपी (28) और संतोष साहू (34) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की कीमत करीब 41.25 लाख रुपये बताई गई है।
टाटीबंध में 44.79 किलो गांजा के साथ तीन पकड़े
दूसरी कार्रवाई आमानाका थाना क्षेत्र में 8 अक्टूबर को की गई। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि टाटीबंध स्थित इस्कॉन टेंपल मोड़ के पास कुछ लोग गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं।
सूचना के बाद आमानाका पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान कान्हू डाकुआ (36), निवासी ओडिशा, सुमित भट्टाचार्य (36), निवासी हावड़ा पश्चिम बंगाल के रूप में हुई। इनके साथ एक विधि के साथ संघर्षरत बालक भी मिला।
पुलिस ने तीनों के पास मौजूद बैग की तलाशी ली तो उसमें 44.799 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत करीब 22.39 लाख रुपये बताई गई है।
दो राज्यों से जुड़े तस्करी नेटवर्क की जांच
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में पकड़े गए आरोपियों से गांजे की सप्लाई और खरीदारों से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में सिर्फ बरामदगी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए एंड-टू-एंड जांच की जाएगी।
85 मामलों में 190 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर कमिश्नरेट के मुताबिक, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 85 प्रकरणों में 190 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन मामलों में गांजा, प्रतिबंधित नशीली गोलियां, एमडीएमए, कोकीन, प्रतिबंधित सिरप, डोडा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, अफीम सहित अन्य नशीले पदार्थ और वाहनों समेत करीब 6.31 करोड़ रुपये की सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।




