रायपुर। मंत्रालय की बस में आग लगने की घटना के बाद गुरुवार को मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने बसों की खराब व्यवस्था और मेंटेनेंस को लेकर मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। मेन गेट पर जुटे कर्मचारियों ने व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई और ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाकर विरोध दर्ज कराया।
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दरअसल, बुधवार शाम मंत्रालय से करीब 35 कर्मचारियों को लेकर कबीर नगर जा रही सिटी बस में अचानक आग लग गई थी। बस के निचले हिस्से से पहले धुआं उठा और कुछ ही देर में आग की लपटें निकलने लगीं। सभी कर्मचारी समय रहते बस से बाहर निकल गए। करीब 20 मिनट में बस लगभग पूरी तरह जल गई। कर्मचारियों का दावा है कि बस में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं था। मंत्रालय परिसर से दो अग्निशमन यंत्र लाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया, जिसके बाद दमकल टीम ने आग पर काबू पाया। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।
कर्मचारी संघ का कहना है कि बसों की खराब हालत और नियमित मेंटेनेंस को लेकर अधिकारियों के सामने कई बार मुद्दा उठाया गया है। कर्मचारियों के मुताबिक कई बसों की छत से बारिश का पानी टपकता है, सीटें भीगने पर पॉलीथिन बिछाकर सफर करना पड़ता है। कुछ बसों के दरवाजे ठीक से बंद नहीं होते और बसों के रास्ते में खराब होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
गौरतलब है कि नगर निगम ने वर्ष 2012 में मंत्रालय कर्मचारियों के परिवहन के लिए श्रीदुर्गा मां ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 98 बसों के संचालन का ठेका दिया था। 10 साल का अनुबंध 2022 में समाप्त होने के बाद इसे आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में 83 बसें संचालित हैं, जबकि पांच बसें ऑफरोड हो चुकी हैं। एजेंसी की कई बसें करीब 15 साल पुरानी हो चुकी हैं।
वहीं, एडिशनल कमिश्नर लोकेश्वर साहू ने कहा कि निगम द्वारा संचालित बसें कंडम स्थिति में पहुंच चुकी हैं। बस सेवा बंद करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है और 31 अक्टूबर से इन बसों का संचालन बंद करने की तैयारी है।




