रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक प्रतिष्ठित कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर मोटी रकम वसूलने और झूठे दुष्कर्म मामले की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो युवतियों को गिरफ्तार किया है। न्यायालय में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ब्यूटी पार्लर संचालिका और दूसरी कॉलेज की छात्रा है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नित्या सिंह और पायल उर्फ आंचल तिवारी के रूप में हुई है। दोनों ने मिलकर कारोबारी को सुनियोजित तरीके से अपने जाल में फंसाया और फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।
थाने में हुई थी पहली मुलाकात
शंकर नगर स्थित न्यू सेल्स टैक्स कॉलोनी निवासी पीड़ित कारोबारी जयंत चौधरी (38 वर्ष) ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि मई 2026 में गुढ़ियारी थाने में किसी काम के दौरान उनकी मुलाकात नित्या सिंह और पायल से हुई थी। बातचीत के बाद दोनों ने नौकरी और नया ब्यूटी पार्लर खोलने का बहाना बनाकर कारोबारी से आर्थिक मदद मांगनी शुरू कर दी।
नशीली सिगरेट पिलाकर बनाया आपत्तिजनक वीडियो
दर्ज शिकायत के मुताबिक, 14 जून को दोनों युवतियों ने पीड़ित को मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान कार में उन्होंने नशीली सिगरेट जलाई, जिससे कारोबारी बेसुध होने लगा। इसके बाद दोनों युवतियां उसे घर छोड़ने के बहाने साथ गईं और उसकी बेसुध हालत का फायदा उठाकर आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। अगले ही दिन से इन तस्वीरों के दम पर झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो गया।
25 हजार वसूलने के बाद भी नहीं थमी डिमांड, दफ्तर में घुसकर दी धमकी
बदनामी के डर से पीड़ित कारोबारी ने बीते 25 जून को तरुण नगर हाट बाजार के पास युवतियों को 25 हजार रुपये नकद दिए। इसके बावजूद उनकी मांगें बढ़ती गईं। 1 जुलाई को दोनों आरोपी पीड़ित के दफ्तर के बेसमेंट तक पहुंच गईं और कार से पैसों का बैग निकालने की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब 10 जुलाई को दोनों सीधे कारोबारी के दफ्तर के भीतर घुस गईं और कर्मचारियों के सामने गाली-गलौज करते हुए मोटी रकम न देने पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी सलाखों के पीछे
लगातार हो रही मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से तंग आकर कारोबारी ने आखिरकार सिविल लाइन थाने की शरण ली। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और अवैध उगाही (जबरन वसूली) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस को जांच में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता डिजिटल व अन्य साक्ष्य मिले, जिसके बाद दोनों युवतियों को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।



