धमतरी। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी शिकायत लेकर पत्नी और दो बच्चों के साथ पहुंचे एक युवक ने खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों की सतर्कता से समय रहते उसे रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
60 साल पुराने मकान को लेकर विवाद का आरोप
जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान रोहित सोनी के रूप में हुई है, जो धमतरी शहर के पोस्ट ऑफिस वार्ड स्थित साई बाबा मंदिर के पास का निवासी है। रोहित ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में परिवार सहित इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है।
आवेदन में उसने बताया कि उसका परिवार पिछले करीब 60 वर्षों से बढ़ेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थित मकान में निवास कर रहा है। उसका आरोप है कि हाल के दिनों में मंदिर से जुड़े कुछ लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उस पर मकान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है।
निर्माण कार्य रुकवाने और धमकी देने का आरोप
रोहित का कहना है कि जब वह अपने मकान का निर्माण कार्य करा रहा था, तब 10 से 20 लोगों का समूह वहां पहुंचा और काम बंद करा दिया। उसने आरोप लगाया कि उसे मकान छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया तथा ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
आवेदन में स्थानीय भाजपा पार्षद निलेश लुनिया और उनके कुछ समर्थकों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रोहित का दावा है कि उसे बार-बार घर खाली करने के लिए कहा गया और राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर डराने की कोशिश की गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक संबंधित पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
रास्ता बंद होने से बढ़ी परेशानी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके घर तक पहुंचने वाले रास्ते को खोदकर गड्ढा बना दिया गया है, जिससे परिवार के आवागमन में परेशानी हो रही है। उसका कहना है कि उसने इस संबंध में नगर निगम और अन्य संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
रोहित के अनुसार, लगातार अनदेखी और न्याय नहीं मिलने से परेशान होकर वह परिवार सहित जनदर्शन में अपनी बात रखने पहुंचा था।
जनदर्शन में उठाया आत्मघाती कदम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शिकायत प्रस्तुत करने के दौरान अचानक रोहित ने अपने ऊपर मिट्टी तेल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास करने लगा। स्थिति को भांपते हुए मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसे रोक लिया। इससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए जनदर्शन कार्यक्रम तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
युवक ने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, घर तक पहुंचने का रास्ता बहाल कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने उसकी शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह के प्रयास की इस घटना ने जनसुनवाई व्यवस्था और स्थानीय विवादों के समाधान को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।