नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान तनाव के चलते देश में ईंधन की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में बड़ी कटौती की है।
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दिया गया है। वहीं, डीजल पर यह शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इस फैसले से आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
वैश्विक संकट के बीच फैसला
यह निर्णय अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच लिया गया है।
बताया जा रहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और संभावित नाकाबंदी के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल आया है।
दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर असर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। युद्ध से पहले समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था। अनुमान के मुताबिक, प्रतिदिन 20 से 25 मिलियन बैरल कच्चा तेल और करीब 10 अरब घन फुट गैस इस मार्ग से वैश्विक बाजारों तक पहुंचती थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबी खिंचती है तो वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार के इस कदम से घरेलू स्तर पर आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।



