रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को मिली बड़ी कामयाबी! लंबे समय से सुरक्षा बलों की तलाश में रहने वाला खूंखार नक्सल कमांडर पापाराव अपने 12 साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने जा रहा है। कुल 13 नक्सलियों के सरेंडर की यह घटना नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
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सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव और अभियानों के कारण पापाराव पिछले कई दिनों से असहज था। उसके आत्मसमर्पण से न सिर्फ नक्सली संगठन की कमान कमजोर होगी, बल्कि सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भी मिलने की उम्मीद है। पापाराव नक्सलियों की कई बड़ी घटनाओं की साजिश में शामिल रहा है।
रायपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आत्मसमर्पण की औपचारिक प्रक्रिया को देखते हुए राजधानी रायपुर में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
सरकार की नीति का असर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की सरेंडर एवं पुनर्वास नीति तथा सुरक्षा बलों के निरंतर अभियानों के चलते नक्सल संगठन पर भारी दबाव बढ़ा है। इसी दबाव के कारण अब बड़े-बड़े नक्सली नेता भी मुख्यधारा में लौटने का फैसला ले रहे हैं।
सीएम साय का बड़ा बयान
नक्सली कमांडर पापाराव के सरेंडर की खबर के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दृढ़ संकल्प से देश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तेज हुआ है। इसका असर अब साफ दिख रहा है। नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने की हमारी डेडलाइन बहुत नजदीक है। पापाराव जैसे बड़े कमांडर का सरेंडर इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।
सीएम ने यह भी कहा कि राज्य में पहले भी कई नक्सली सरेंडर कर चुके हैं और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सलवाद की कमर टूट रही है।



