10 फरवरी, 2026 – छत्तीसगढ़ की मीडिया टीम ने अपने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह भ्रमण के पहले दिन 09 फरवरी, 2024 को नौ सेना के कमांड सेंटर का दौरा किया । नौ सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने युद्धपोत आईएन लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटि एल 58 और आईएनएस कुलिश के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
नौ सेना वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया आईएन लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटि (IN LCU) L-58, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा निर्मित 8 जहाजों की LCU Mk-IV श्रृंखला का 8वां और अंतिम स्वदेशी जहाज है, जिसे 18 मार्च 2021 को पोर्ट ब्लेयर में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया । यह 63 मीटर लंबा जहाज टैंकों, बख्तरबंद वाहनों और सैनिकों के परिवहन व तट पर तैनाती (beaching) के लिए है। यह जहाज आत्मनिर्भर भारत पहल का एक बड़ा हिस्सा है।
IN LCU L-58 की मुख्य विशेषताएं:
• निर्माण: GRSE, कोलकाता (90% स्वदेशी उपकरण)।
• तैनाती: पोर्ट ब्लेयर (अंडमान और निकोबार कमान)।
• क्षमता: मुख्य युद्धक टैंक (MBTs), बख्तरबंद वाहन और 160 सैनिकों को ले जाने में सक्षम।
• गति व क्षमता: 15 समुद्री मील की गति और लगभग 900 टन का भार वहन क्षमता।
• हथियार: दो 30 मिमी CRN 91 तोपें और छह मशीन गन पोस्ट।
• मुख्य भूमिका: उभयचर संचालन (amphibious operations), आपदा राहत, और तटीय गश्ती।
आईएनएस कुलिश के कैप्टन ने बताया कि यह एक पूर्ण से रूप से युद्धक पोत है जिसमें विभिन्न तरह के गन के अलावा मिसाइलों लगे हुए हैं जो दुश्मन के युद्धपोतों को मिनटों में ही ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं ।
INS कुलिश एक कोरा-क्लास कार्वेट है, जो अभी इंडियन नेवी में एक्टिव सर्विस में है। इसे अक्टूबर 1994 में ऑर्डर किया गया था, और इसकी कील अक्टूबर 1995 में रखी गई थी। इस जहाज को अगस्त 1997 में लॉन्च किया गया और 20 अगस्त 2001 को इसे कमीशन किया गया। कुलिश प्रोजेक्ट 25A के तहत डिज़ाइन किए गए चार कोरा-क्लास कार्वेट में से तीसरा है।
इसके अलावा नौ सेना के अधिकारियों ने नौ सैनिकों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे हथियारों के बारे में भी जानकारी दी ।


