कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। फॉर्म-7 के जरिए एक जिंदा मतदाता, शामिउल्ला अंसारी, को मृत घोषित कर उनके नाम को मतदाता सूची से हटाने का आवेदन किया गया।
शामिउल्ला अंसारी ने कहा, “मैं जिंदा हूं, फिर मेरे मृत होने का आवेदन कैसे दिया गया?” उन्होंने बताया कि उन्हें यह जानकारी स्थानीय लोगों से मिली। अंसारी ने साफ कहा कि उन्होंने कभी ऐसा आवेदन नहीं दिया और न ही उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी है।
जांच में आवेदन पत्र में नाम दर्ज व्यक्ति, फूल सिंह, ने भी इस बात से इनकार किया कि उन्होंने ऐसा कोई आवेदन दिया हो। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। क्षेत्रीय विधायक सावित्री मंडावी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए आरोप लगाया कि भानुप्रतापपुर क्षेत्र में कई मुस्लिम और आदिवासी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म बांटे गए। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कलेक्टर ने बताया कि फॉर्म-7 के तहत विभिन्न तरीके से नाम हटाने के प्रयास हुए हैं, लेकिन नियमों के तहत केवल निर्धारित संख्या के आवेदन मान्य होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहा है और यदि किसी तरह की साजिश या शरारती तत्वों की पहचान होती है, तो संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।



