रायपुर। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने रायपुर स्थित आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए खराब कैमरों को शीघ्र दुरुस्त करने और ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन को लेकर कई अहम निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि ट्रैफिक पुलिस पर वसूली जैसे आरोपों से बचने के लिए अब केवल आईटीएमएस कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से ही ई-चालान जारी किए जाएं। किसी भी स्थिति में मैनुअल चालान नहीं काटा जाएगा। ई-चालान की जानकारी वाहन मालिक को मोबाइल और व्हाट्सएप के माध्यम से अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी।
ई-चालान नहीं भरने पर परिवहन सेवाएं होंगी बाधित
डॉ. शुक्ला ने निर्देश दिए कि यदि ई-चालान की जुर्माना राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित वाहन की परिवहन सेवाएं बाधित की जाएं। इसके तहत वाहन और वाहन स्वामी से जुड़ी सेवाएं—जैसे लाइसेंस नवीनीकरण, परमिट, फिटनेस, नामांतरण, बीमा और प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र—अद्यतन नहीं की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ई-चालान की राशि जमा होने के बाद ही ये सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।
90 दिन बाद अनिवार्य रूप से कोर्ट में पेश होंगे मामले
पुलिस कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिए कि ई-चालान की राशि 90 दिनों तक लंबित रहने पर मामला अनिवार्य रूप से न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। कोर्ट में पेश करने से पहले वाहन मालिक को विधिवत नोटिस भेजना भी जरूरी होगा।
नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान डॉ. शुक्ला ने कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मौके पर ही एल्कोमीटर से जांच की जाए और ‘नो एंट्री’ जैसे मामलों में भी चालान तैयार कर सीधे न्यायालय भेजा जाए।
समन्वय से बढ़ेगा चालान भुगतान प्रतिशत
उन्होंने परिवहन विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ई-चालान प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे जुर्माना भुगतान का प्रतिशत बढ़ेगा और वाहन चालक ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से समझेंगे व उनका पालन करेंगे।
इस निरीक्षण के दौरान एसीपी ट्रैफिक गुरजीत सिंह, एसीपी सतीश ठाकुर, ट्रैफिक मुख्यालय प्रभारी टीकेलाल भोई सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



