रायपुर। टी-20 वर्ल्ड कप से पहले रायपुर पुलिस की क्राइम एंड साइबर यूनिट ने ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। थाना गंज क्षेत्र में की गई संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 37 लाख 50 हजार रुपये नगद, 10 मोबाइल फोन और 3 महंगी चारपहिया गाड़ियां जब्त करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 92.50 लाख रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पूरे ऑपरेशन की सतत निगरानी पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा की जा रही थी।
पुलिस को 31 जनवरी 2026 को सूचना मिली कि गंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नागोराव गली अंडर ब्रिज के पास चारपहिया वाहनों में बैठकर कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और तीन अलग-अलग कारों में सवार 6 आरोपियों को हिरासत में लिया।
पूछताछ और मोबाइल जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन बैटिंग वेबसाइट्स के जरिए मास्टर आईडी बनाकर अन्य लोगों को सट्टा खेलने के लिए आईडी उपलब्ध कराते थे और कमीशन के जरिए अवैध लाभ कमा रहे थे। आरोपी ऑनलाइन क्रिकेट मैचों पर सट्टा खेलाने और खेलने दोनों में संलिप्त पाए गए।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से
37,50,000 रुपये नगद,
10 मोबाइल फोन (कीमत करीब 5 लाख रुपये),
2 महिंद्रा थार और
1 नेक्सा XL6 कार
जब्त की गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टा नेटवर्क के तार महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। साथ ही नगद रकम से जुड़े म्यूल बैंक अकाउंट और हवाला ट्रांजैक्शन के संकेत मिले हैं, जिस पर फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी गई है।
आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में अपराध क्रमांक 30/26, छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं 112(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले ग्राहकों की पहचान हो चुकी है, जिनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी रखब देव पाहुजा, जितेंद्र कुमार कृपलानी, दीपक अग्रवाल और सचिन जैन पूर्व में भी जुआ संबंधी मामलों में जेल जा चुके हैं।



