रायपुर। राजधानी में होने वाले आगामी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों से पहले ही सट्टेबाज पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, देश के बड़े सट्टा किंग्स के बुकियों ने स्टेडियम के बॉक्स पहले ही बुक करा लिए हैं। इन बॉक्सों से हर गेंद पर रेट तय किए जाएंगे और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्टेडियम में खेल और टीवी प्रसारण में लगभग 40-50 सेकंड का तकनीकी अंतर होता है। सट्टेबाज इसी समय का लाभ उठाकर चौके-छक्कों और विकेट पर करोड़ों रुपये की बोली लगाते हैं, जबकि आम दर्शक इसे नोटिस नहीं कर पाते।
सूत्र बताते हैं कि रायपुर के महंगे होटलों में भी कई फ्लैट और कमरे पहले ही सट्टेबाजों ने बुक करा लिए हैं। इससे साफ है कि देश के अलावा विदेश में बैठे सट्टेबाजों की भी नजर इस मैच पर टिकी हुई है। पिछले दिनों चेन्नई और लखनऊ की टीमों के मुकाबलों पर सट्टा लगाने के प्रयास में कई सटोरियों को पुलिस ने पकड़ा था। इनमें कई सट्टेबाज कुख्यात सट्टा किंग अनिल ‘आलू’ से जुड़े पाए गए।
जांच एजेंसियों
भिलाई में ऑनलाइन सट्टा भंडाफोड़ के दौरान यह खुलासा हुआ था कि सट्टा किंग सौरभ और रवि के अंतरराष्ट्रीय संपर्क पाकिस्तान और दुबई तक फैले हुए हैं। उन्होंने दुबई और हैदराबाद में जुड़े इंटरनेशनल खाईवालों के माध्यम से नेटवर्क और सट्टा संचालन की ट्रेनिंग ली।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सट्टे की रकम गोल्ड में बदलकर कोलकाता के रास्ते भारत में लाई जाती थी। कई सराफा कारोबारियों को कमीशन पर शामिल किया गया।
फिलहाल बड़े सट्टा किंग भूमिगत हो चुके हैं और अपने गुर्गों के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे हैं। राजधानी के शुक्रवारी बाजार, गोगांव, गुढ़ियारी, समता कॉलोनी, कटोरा तालाब, शंकरनगर, रामसागरपारा, नेहरूनगर, पुरानी बस्ती, संतोषीनगर और संजयनगर सहित कई पॉश इलाकों में यह खुलकर चल रहा है।
सट्टेबाज किराए के फ्लैट, निजी मकान और होटलों से महादेव एप के जरिए सट्टा चला रहे हैं। उनका सीधा संपर्क मुंबई, दिल्ली और दुबई में बैठे इंटरनेशनल खाईवालों से है। किसी भी अप्रिय स्थिति में खाईवाल अपने गुर्गों से धमकी देने से भी नहीं चूकते।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुलिस किराए के फ्लैट, हाई-स्पीड इंटरनेट और संदिग्ध गतिविधियों की गंभीर जांच करे तो बड़ी संख्या में सटोरियों तक पहुंचा जा सकता है। फिलहाल यह नेटवर्क शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल चुका है और रायपुर, दुर्ग, भिलाई, जगदलपुर, बिलासपुर, भाटापारा और गोंदिया से सीधे जुड़े होने का अनुमान है।



