Makar Sankranti 2026 : सनातन परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे धर्म, कर्म और दान के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
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मकर संक्रांति के फल को लेकर आचार्य पंडित कालूराम शास्त्री ने विस्तृत जानकारी दी है। उनके अनुसार इस वर्ष संक्रांति कुमारी अवस्था में बाघ पर सवार होकर आ रही हैं और उनके हाथों में गदा है।
कैसे स्वरूप में होंगी संक्रांति कुमारी
आचार्य के अनुसार – संक्रांति (Makar Sankranti 2026) कुमकुम का लेपन किए हुए, हाथों में पुष्प धारण कर, पीले वस्त्र पहनकर, चांदी के पात्र में दूध का सेवन करते हुए फलों का भक्षण कर रही हैं। संक्रांति वायव्य दिशा की ओर दृष्टि रखकर पश्चिम दिशा की ओर गमन कर रही हैं।
संक्रांति फल: महंगाई और स्वास्थ्य पर असर
संक्रांति फल के अनुसार इस वर्ष-
- जनता के स्वास्थ्य में बाधा
- सोना-चांदी के भाव में तेजी
- खाद्यान्न, शक्कर और कपास के दाम बढ़ने के योग
- पशुओं को कष्ट और स्त्रियों एवं नववधुओं को पीड़ा
- छोटे बालकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव
- समुद्र तटीय राज्यों पर संकट की आशंका
इन राज्यों को अधिक कष्ट के योग
फलादेश के अनुसार देश के पश्चिमी और उत्तरी राज्यों के निवासियों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
इन राशियों के लिए शुभ, इन पर कष्ट योग
शुभ राशियां:
मिथुन
कन्या
मकर
कुम्भकष्टकारी राशियां:
मेष
वृष
कर्क
सिंह
तुला
वृश्चिक
धनु
मीन
इन राशियों के जातकों को दान-पुण्य और संयम अपनाने की विशेष सलाह दी गई है।
विशेष सलाह
मकर संक्रांति के दिन
- तिल, गुड़, चावल, वस्त्र का दान
- सूर्य को अर्घ्य
- ब्राह्मण और जरूरतमंदों को भोजन
करने से अशुभ प्रभावों में कमी आती है। (Makar Sankranti 2026)



