रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार बालोद में आयोजित होने जा रहे नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी को लेकर टेंडर प्रक्रिया पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच तीखी बयानबाजी सामने आई है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि जंबूरी आयोजन किसी एक व्यक्ति या मंत्री का नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भारत स्काउट एंड गाइड, नई दिल्ली का है। मंत्री ने कहा कि जंबूरी में देश-विदेश से बड़ी संख्या में बच्चे छत्तीसगढ़ आएंगे और चूंकि बच्चे स्कूल शिक्षा विभाग के दायरे में आते हैं, इसलिए उनके लिए बेहतर और सुरक्षित व्यवस्थाएं करना विभाग की जिम्मेदारी है।
आयोजन के अध्यक्ष को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री यादव ने कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम है और इसकी रूपरेखा व अध्यक्षता का निर्णय भारत स्काउट एंड गाइड की राष्ट्रीय इकाई करेगी। इस संबंध में राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
आयोजन स्थल बदले जाने को लेकर मंत्री ने कहा कि जंबूरी का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना पहले से तय था। स्कूल शिक्षा विभाग के पास प्रस्ताव आने के बाद यह निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम रायपुर के बजाय किसी अन्य जिले में कराया जाए, ताकि दूसरे जिलों को भी ऐसे बड़े आयोजनों का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए सवालों की उन्हें फिलहाल जानकारी नहीं है।
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जंबूरी आयोजन को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिना टेंडर लगभग 15 करोड़ रुपये का काम कराया गया है और नेशनल जंबूरी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार, मंत्री और सांसदों के बीच आपसी खींचतान साफ नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भी भ्रष्टाचार होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने पूरे मामले को उजागर किया है और यदि सरकार के दावे सही हैं तो निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
वहीं, गृहमंत्री विजय शर्मा के बस्तर को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा के 15 साल के शासनकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग से कुछ किलोमीटर आगे की स्थिति ही ठीक रहती थी और बस्तर का नाम डर और दहशत से जोड़ा जाता था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बस्तर के अंदरूनी इलाकों तक विकास पहुंचा और वहां के लोगों को उनके अधिकार मिले। भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं, जबकि अपनी एक कांस्टेबल तक की इज्जत नहीं बचा पाए।



