शाह ने कोलकाता में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पश्चिम बंगाल में वर्तमान सरकार घुसपैठ को नियंत्रित नहीं कर पा रही है, और अगर भाजपा की सरकार बने तो “यहाँ परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।” उन्होंने कहा कि टीएमसी के 15 वर्षों के शासन में जनता भयभीत है और ममता सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को बढ़ावा दे रही है।
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शाह ने यह भी आरोप लगाया कि:-
- बंगाल जनता घुसपैठियों से त्रस्त है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
- महिला सुरक्षा की स्थिति खराब है और सरकार असफल रही है।
- बंगाल में हिन्दुओं के दिलों पर गंभीर घाव लगे हैं।
- पश्चिम बंगाल में केंद्रीय योजनाएँ लगभग डेड-एंड पर हैं।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का राज्य सरकार पालन नहीं कर रही है।
2026 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बयान
शाह ने कहा कि भाजपा 2026 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करेगी और राज्य में उसकी सरकार बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में पीएम विरोध की मानसिकता फैलाई जा रही है और सीएम ममता बनर्जी प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में शामिल होने से कतराती हैं।
शाह ने यह भी कहा कि बंगाल के किसानों का 10,000 करोड़ रुपए राज्य सरकार की वजह से वापस चला गया और आयुष्मान योजना जैसे लाभ पूरे रूप से लागू नहीं हो पाए।
शाह के सवाल
- केंद्र ने ममता सरकार से कई सीधे सवाल भी उठाए:
- बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं?
- घुसपैठियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
- बंगाल की तरह अन्य सीमावर्ती राज्यों जैसे कश्मीर, असम, त्रिपुरा में क्यों नहीं हो रही घुसपैठ?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम के नौगांव में 29 दिसंबर को बटाद्रवा पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन कर चुके हैं। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से एक लाख बीघा जमीन मुक्त करवाई है, और इसी तरह पूरे देश से घुसपैठियों को हटाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 तक है, और मार्च-अप्रैल 2026 में चुनाव होने की संभावना अधिक बताई जा रही है। राज्य में कुल 294 सीटें हैं, जहाँ वर्तमान में टीएमसी की सरकार है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं।



