रायपुर। कांकेर के आमाबेड़ा में हिंदू जनजातीय समुदाय के साथ हुई घटना से आहत होकर बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद के समर्थन में 24 दिसंबर को जब सर्व समाज के युवा मॉल पहुंचे, मॉल कर्मचारियों को बंद का समर्थन देने समझाइश दिया। परंतु कुछ देर देकर बाद वहां से वापस लौटने के दौरान बंद का समर्थन नहीं करने को देख मॉल कर्मचारियों और सर्व समाज के युवाओं के बीच कहा-सुनी हुई और इसी बीच भागदौड़ के कारण मॉल में लगी क्रिसमस सजावट बिखर गया।
मॉल प्रबंधन की शिकायत पर कार्रवाई
घटना के बाद मॉल संचालक अविनाश ग्रुप ने तेलीबांधा थाने में युवाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में 7 युवाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि एक नाबालिग को छोड़ दिया गया।
गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन
युवाओं की गिरफ्तारी से नाराज सर्व समाज के बड़ी संख्या में लोग शनिवार को तेलीबांधा थाने के सामने जमा हुए और दिनभर धरना दिया। भीड़ बढ़ने और माहौल गरमाने पर जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए देर शाम करीब 500 लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया। पूछताछ के लगभग दो घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
हमारी मंशा नुकसान पहुंचाने की नहीं : ऋषि
सर्व समाज और बजरंग दल के ऋषि मिश्रा ने कहा कि बंद के दौरान युवाओं की मंशा मॉल में किसी भी धार्मिक सजावट को नुकसान पहुंचाने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि बंद का उद्देश्य आमाबेड़ा में ईसाई मिशनरियों और भीम आर्मी द्वारा हिंदू बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध को दर्ज कराना था।
उन्होंने कहा कि सर्व समाज कांकेर के जनजातीय हिंदुओं की संस्कृति की रक्षा और पेशा एक्ट के तहत उनके स्वशासन की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।



