रायपुर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के “धीरेंद्र शास्त्री के जन्म से पहले से हनुमान चालीसा पढ़ने” वाले बयान पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा हमला बोला है। चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल हनुमान चालीसा पढ़ते हों या न हों, लेकिन उनकी राजनीतिक सोच कुंभकरण और रावण के साथ खड़ी नजर आती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हनुमान चालीसा का प्रभाव उनकी भाषा और संस्कारों में कहीं दिखाई नहीं देता।
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कांग्रेस के वीबी (व्हीबी) जीरामजी के नाम को लेकर चल रहे विरोध पर चंद्राकर ने कहा कि विवाद किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं, बल्कि कानून के प्रारूप और उसके नियमों पर होना चाहिए। नए कानून के नए स्वरूप पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ने कभी राजीव गांधी या इंदिरा गांधी का नाम नहीं हटाया, वे कांग्रेस के लिए पूजनीय हैं और महात्मा गांधी विश्व आइकन हैं।
राहुल गांधी के संभावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी चंद्राकर ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले आत्मचिंतन करना चाहिए कि कांग्रेस पांच साल में चुनाव क्यों हारी। ग्रामीण कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जबकि कांग्रेस के पास ट्रेनिंग और संगठन का कोई स्पष्ट विजन नहीं है। तंज कसते हुए चंद्राकर बोले—आत्मचिंतन के लिए विदेश जाने की सुविधा उनके पास है, लेकिन छत्तीसगढ़ की स्थिति अच्छी है।
दिल्ली में आज होने वाली कांग्रेस बैठक पर चंद्राकर ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस अब तक ब्लॉक अध्यक्ष तक नियुक्त नहीं कर पाई है। छत्तीसगढ़ के नेताओं का दिल्ली जाना ही यह साबित करता है कि फैसले “हुजूर-ए-आला” से पूछकर ही होते हैं। व्यंग्य में बोले—बैठक करने की जरूरत ही क्या है, ईमेल से ही नाम मंगवा लेते।
कांग्रेस नेता विनोद तिवारी की गिरफ्तारी पर चंद्राकर ने कहा कि वे न्यायालय के आदेश से जेल गए हैं, भाजपा के कहने से नहीं। कांग्रेस का आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी की औपचारिकता भर है।



