नई दिल्ली : लोकसभा के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया, जब बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद पर सदन के भीतर ई-सिगरेट (वैप) पीने का आरोप लगाया। प्रश्नकाल के दौरान ठाकुर ने सीधे स्पीकर ओम बिरला से सवाल किया कि क्या सदन में ई-सिगरेट की अनुमति है, जबकि देश में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।
यह भी पढ़े :- शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से नवा रायपुर में: पहली बार रविवार को भी चलेगी विधानसभा
इस आरोप के बाद सदन में जमकर शोर-शराबा हुआ और बीजेपी सांसदों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। स्पीकर ने स्पष्ट कहा कि सदन में किसी भी प्रकार की स्मोकिंग या वाष्पिंग की अनुमति नहीं है और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या हुआ सदन में? घटना की पूरी टाइमलाइन
शीतकालीन सत्र के चौथे दिन, प्रश्नकाल के बीच अनुराग ठाकुर ने अचानक यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा—
“सर, देश में ई-सिगरेट प्रतिबंधित है। क्या सदन में इसकी अनुमति दी गई है? TMC के सांसद कई दिनों से लगातार ई-सिगरेट पी रहे हैं।”
ठाकुर ने बिना नाम लिए विपक्षी बेंच की ओर इशारा किया, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। कई बीजेपी सांसद भी खड़े होकर कार्रवाई की मांग करने लगे।
स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा-
“सदन में ई-सिगरेट या किसी भी प्रकार की स्मोकिंग की अनुमति नहीं है। यदि आरोप साबित हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी।”
TMC ने इन आरोपों को राजनीतिक ड्रामा बताया, हालांकि किसी सांसद ने औपचारिक जवाब नहीं दिया।
यह विवाद संसद के अंदर 2015 में स्मोकिंग रूम बंद होने के पुराने मामले की भी याद दिलाता है।
ई-सिगरेट क्या है? स्वास्थ्य और कानून से जुड़े खतरे
ई-सिगरेट एक बैटरी आधारित डिवाइस है, जो निकोटीन और केमिकल युक्त लिक्विड को गर्म कर वाष्प बनाता है।
WHO के अनुसार, यह पारंपरिक सिगरेट से कम हानिकारक जरूर लगता है, लेकिन युवाओं में लत बढ़ाने और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने की बड़ी वजह बन रहा है।
भारत में 2019 के Prohibition of Electronic Cigarettes Act (PECA) के तहत-
- उत्पादन,
- आयात,
- बिक्री,
- भंडारण
- और उपयोग
- पूरी तरह प्रतिबंधित है।
उल्लंघन पर
🔸 1 साल तक की जेल
🔸 1 लाख रुपए तक जुर्माना
हो सकता है।
संसद भवन एक सार्वजनिक स्थान है, इसलिए यहाँ इसका उपयोग कानूनी रूप से और गंभीर अपराध है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: बीजेपी का हमला, TMC का खंडन
बीजेपी ने इसे सदन की अवमानना बताते हुए TMC पर तीखा हमला बोला।
अनुराग ठाकुर ने संसद परिसर के बाहर कहा—
“यह कानून का साफ उल्लंघन है। स्पीकर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।”
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा-
“विपक्ष को पहले लोकतंत्र की मर्यादा सीखनी चाहिए।”
TMC ने जवाब दिया कि BJP मुद्दों से भटकाने के लिए ऐसा डाइवर्शन टैक्टिक अपना रही है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में नाम महुआ मोइत्रा का बताया गया, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
आगे क्या? किस पर लटकी कार्रवाई की तलवार
स्पीकर ने कहा है कि लिखित शिकायत आने पर जांच शुरू की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सिद्ध हुए, तो यह मामला—
- सदन की आचरण संहिता,
- और PECA एक्ट
दोनों के तहत कार्रवाई योग्य हो सकता है। पुलिस जांच भी संभव है।
सत्र पहले ही वोट चोरी और अन्य विवादों के कारण तनावपूर्ण चल रहा है। ऐसे में यह नया विवाद राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है।



