दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक जवान को अगवा कर बंधक बनाने और उसके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 11 लाख रुपये के पुराने लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद जवान को जबरन एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया। इस दौरान उससे स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराने की भी बात सामने आई है। हालांकि, जवान किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में कामयाब रहा। उसने मोबाइल फोन से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लाइव लोकेशन भेजकर मदद मांगी। शिकायत के बाद पुलिस ने एक महिला और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित जवान विजय शील रायगढ़ स्थित छठवीं बटालियन में पदस्थ है। बताया जा रहा है कि जवान और एक महिला के बीच करीब 11 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी सिलसिले में जवान दुर्ग आया हुआ था।
थाने जाते समय जवान को अगवा करने का आरोप
बताया जा रहा है कि जवान जब कोतवाली थाने की ओर जा रहा था, तभी कुछ लोग उसे कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले गए। इसके बाद उसे पुलगांव थाना क्षेत्र के गोकुल नगर के पास स्थित एक कॉलोनी के मकान में बंधक बनाकर रखा गया।
आरोप है कि बंधक बनाए जाने के दौरान जवान के साथ मारपीट की गई और उस पर स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। घटना के बीच जवान ने हिम्मत नहीं हारी और मदद के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया।
मोबाइल से लाइव लोकेशन भेजकर मांगी मदद
बंधक बनाए जाने के दौरान जवान ने अपने मोबाइल फोन से कमांडेंट और वरिष्ठ अधिकारियों को लाइव लोकेशन भेज दी। इसके बाद वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर भागने में सफल रहा। अपनी सुरक्षा के लिए वह जंगल में जाकर छिप गया और फिर अपने यूनिट हेड को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
यूनिट हेड ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही दुर्ग पुलिस ने जवान की तलाश शुरू की। पुलिस ने रातभर खोजबीन की, जिसके बाद सुबह जवान को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
हरजिंदर कौर और ड्राइवर कृष्ण कुमार गिरफ्तार
जवान की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने हरजिंदर कौर (47) और उसके ड्राइवर कृष्ण कुमार सिन्हा (37) को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जवान को बंधक बनाने, उसके साथ मारपीट करने और कथित तौर पर जबरन स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराने के आरोप हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। लेन-देन से जुड़े विवाद, जवान को बंधक बनाए जाने की परिस्थितियों और घटना में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।




