सूरजपुर। जिले में SF-6 बटालियन में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर की मौत का मामला अब सवालों के घेरे में है। जवान की मौत को लेकर उसके परिजनों ने आत्महत्या की आशंका को खारिज करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है।
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जानकारी के मुताबिक, जवान का शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। आक्रोशित परिजनों ने देवनगर मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और जवान की मौत की परिस्थितियों की जांच किए जाने की मांग की।
परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि जवान की मौत को जिस तरह आत्महत्या बताया जा रहा है, उसे वे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिजनों ने मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी के बजाय निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान घटनास्थल, परिस्थितियों और जवान की मौत से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाया जाए।
वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं होने का आरोप
परिजनों ने जवान का शव गांव लाए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बटालियन की ओर से शव गांव लाए जाने के दौरान किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं थी। इसे लेकर भी परिवार ने नाराजगी जताई है।
इसके अलावा परिजनों ने जवान को शहीद का दर्जा नहीं दिए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि जवान की मौत की परिस्थितियों और सेवा से जुड़े तथ्यों को देखते हुए इस पहलू पर भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
जवान की मौत के बाद परिजनों के विरोध और आरोपों से मामला गंभीर हो गया है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जांच का इंतजार है। वे चाहते हैं कि मौत की असल वजह सामने आए और यदि किसी की भूमिका पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं। जवान की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के संदेह की भी जांच के दौरान पड़ताल की जानी है।
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की मांग है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और जवान की मौत की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए।




