जशपुर। कांसाबेल थाना क्षेत्र के एक गंभीर पॉक्सो मामले में न्यायालय ने 62 वर्षीय आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू को दोषसिद्ध करते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जशपुर पुलिस के मुताबिक, FIR दर्ज होने के महज 40 दिन के भीतर मामले में फैसला आया, जबकि अभियोग पत्र पेश होने के 23 दिन बाद न्यायालय ने निर्णय सुनाया।
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मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी जशपुर जनार्दन खरे के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) अनुपम कुमार तिर्की ने पैरवी की।
रोटी खिलाने के बहाने बच्ची को घर ले जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 7 वर्षीय बच्ची 9 अगस्त 2026 की शाम गांव में एक व्यक्ति के घर टीवी देखते हुए खाना खा रही थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और बच्ची को रोटी खिलाने के बहाने अपने साथ घर ले गया। आरोप है कि घर पहुंचने के बाद उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
कुछ समय तक बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश करने लगे। इसी दौरान एक ग्रामीण बच्ची को लेकर वापस आता दिखाई दिया। ग्रामीण ने परिजनों को बताया कि उसने आरोपी के घर की खिड़की से अंदर देखा था, जहां बच्ची और आरोपी कपड़े पहन रहे थे।
अगले दिन बच्ची से पूछताछ के दौरान उसने अपनी मां को आरोपी द्वारा गलत कृत्य किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद बच्ची के पिता ने 13 अगस्त को कांसाबेल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR
शिकायत के आधार पर कांसाबेल थाने में अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ धारा 65(2) और अन्य संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने विवेचना की।
13 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा तैयार किया। पीड़िता और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता और आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके अलावा मामले से जुड़े दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए गए।
विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 2 सितंबर 2026 को अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पीड़िता सहित कुल 13 गवाहों का परीक्षण कराया गया और संबंधित दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
24 सितंबर को न्यायालय ने सुनाया फैसला
अभियोग पत्र पेश होने के 23 दिन बाद 24 सितंबर 2026 को न्यायालय ने मामले में फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए धारा 65(2) BNS और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 127(2) BNS के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई।
न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। विभिन्न धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है।
दो महीने में दूसरा बड़ा फैसला
पुलिस के मुताबिक, मामले के विवेचक थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ताम्रकार द्वारा पूर्व में कांसाबेल थाना क्षेत्र के एक अन्य गंभीर मामले में भी प्रभावी विवेचना की गई थी। उस मामले में 13 वर्षीय बच्ची के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म के आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
पुलिस ने कहा- गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि गंभीर और संवेदनशील अपराधों में जशपुर पुलिस द्वारा त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से संकलन कर प्रकरणों को जल्द न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रभावी अभियोजन के माध्यम से आरोपियों को कानून के अनुसार दंडित कराने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।




