रायपुर, 06 जून। Raipur E-Rickshaw Verification : राजधानी रायपुर में अब ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की पूरी जानकारी सिर्फ एक QR कोड स्कैन करते ही सामने आ जाएगी। रायपुर पुलिस कमिश्नरी ने 20 मई से 5 जून तक चलाए गए विशेष ऑनलाइन सत्यापन अभियान में 13 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन किया है। अब इनका डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद सभी चालकों को यूनिक डिजिटल आईडी और QR कोड जारी किया जाएगा। यह सिस्टम 20 जून तक लागू हो सकता है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरी शहर की लोकल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की तैयारी में है। इसके तहत ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का ऑनलाइन सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसमें शुक्रवार रात 8 बजे तक करीब 13 हजार चालकों ने रजिस्ट्रेशन कराया।
पुलिस अब इन ड्राइवरों का डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रही है। ड्राइवरों की सूची उनके निवास क्षेत्र के आधार पर बनाई जाएगी। इसमें पंडरी, शंकर नगर, टिकरापारा, समता कॉलोनी, भनपुरी और तेलीबांधा जैसे इलाकों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाएगा।
QR Code स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी
सत्यापन पूरा होने के बाद हर चालक को डिजिटल आईडी दी जाएगी। इसमें QR कोड रहेगा, जिसे स्कैन करते ही चालक और वाहन की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। इसमें. चालक का नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर, स्थायी और वर्तमान निवास, वाहन मालिक का नाम और आपराधिक रिकॉर्ड जैसी जानकारियां शामिल होंगी। यह QR कोड ई-रिक्शा के अंदर और बाहर दोनों जगह लगाया जाएगा ताकि यात्री सफर से पहले ड्राइवर की पहचान जांच सकें।
तीन चरणों में लागू होगा पूरा सिस्टम
1. डिजिटल पहचान और ऑनलाइन डेटा
हर ई-रिक्शा और ऑटो चालक को यूनिक आईडी दी जाएगी। यह सिस्टम NIC से जुड़ा होगा और इसमें चालक की फोटो भी अपलोड रहेगी।
2. स्टॉपेज आधारित संचालन
रायपुर में ट्रैफिक संतुलन के लिए वाहनों को अलग-अलग स्टॉपेज में बांटा जाएगा। जहां ज्यादा ई-रिक्शा होंगे, वहां से अन्य क्षेत्रों में शिफ्ट किया जाएगा। चालकों को तीन विकल्प दिए जाएंगे, जिनमें से वे अपना पसंदीदा स्टॉप चुन सकेंगे।
3. हर थाने में तय होंगे स्टॉपेज
पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने करीब 200 स्टॉपेज चिन्हित किए हैं। हर ट्रैफिक थाना क्षेत्र में औसतन 25 स्टॉपेज बनाए जाएंगे। यहां थाना नंबर, हेल्पलाइन और क्षेत्र का नाम भी लिखा रहेगा।
दूसरे राज्यों का मॉडल भी अपनाएगा रायपुर
रायपुर पुलिस इस व्यवस्था में दिल्ली, भोपाल, इंदौर, जयपुर और बिहार के कुछ शहरों के डिजिटल ट्रांसपोर्ट मॉडल का अध्ययन कर रही है। वहां पहले से QR आधारित ड्राइवर वेरिफिकेशन और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लागू है।
ट्रैफिक एक्सपर्ट ने क्या कहा?
ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रफुल्ल जोशी के मुताबिक रायपुर (Raipur E-Rickshaw Verification) को 6 से 8 जोन में बांटकर लोकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम चलाना ज्यादा प्रभावी होगा। इससे ट्रैफिक नियंत्रण के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।



