जगदलपुर। बस्तर के स्थानीय मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने जा रहा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पुलिस द्वारा बीच रास्ते में रोक दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के दौरान कांग्रेस नेता ज्ञापन सौंपने के लिए बैठक स्थल की ओर बढ़ रहे थे।
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कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज कर रहे थे। उनके साथ बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
मिताली चौक पर रोका गया काफिला
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राजीव भवन से रवाना होकर बैठक स्थल की ओर जा रहा था। इसी दौरान मिताली चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर काफिले को रोक दिया। इसके बाद मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस और नारेबाजी की स्थिति बन गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने और बस्तर के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने से रोका गया, जिससे राजनीतिक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
रोके जाने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बस्तर से जुड़े स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर मांगें रखी गईं।
दीपक बैज ने जताई नाराजगी
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए Deepak Baij ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर के वास्तविक मुद्दों की अनदेखी कर रही है और विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को अपनी बात रखने से रोका जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है, जबकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के कारणों का हवाला दिया गया है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है .



