नई दिल्ली। पप्पू यादव के एक विवादित बयान के बाद लोकसभा में शुक्रवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान उन्होंने नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में यौन शोषण के मामलों में नेताओं की भूमिका चिंताजनक है।
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उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया और कई सदस्यों ने विरोध जताते हुए ‘शेम-शेम’ के नारे लगाए।
भाषण के दौरान लगाए आरोप
बहस के दौरान पप्पू यादव ने दावा किया कि कई जनप्रतिनिधियों पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं और कुछ मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। उन्होंने अपने वक्तव्य में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के शोषण का मुद्दा भी उठाया।
महिला आरक्षण बिल पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पिछड़े वर्ग, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए अलग से कोटा होना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसा नहीं होने पर यह व्यवस्था सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगी।
अन्य क्षेत्रों का भी जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने फिल्म, मीडिया और फैशन इंडस्ट्री में महिलाओं के शोषण के मुद्दे को भी उठाया और इसे व्यापक सामाजिक समस्या बताया।
संसद से बाहर भी तेज हुई बहस
इस बयान के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लोकसभा में दिए गए इस बयान ने एक बार फिर महिला सुरक्षा, सामाजिक न्याय और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर राष्ट्रीय बहस को तेज कर दिया है।



