नई दिल्ली देश में दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना-2027 अभियान बुधवार से शुरू हो गया। इस बार जनगणना में पहली बार लोगों को स्व-गणना (Self Enumeration) यानी खुद से ऑनलाइन जानकारी भरने की सुविधा दी गई है।
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पहले चरण में यह प्रक्रिया आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू की गई है। इनमें दिल्ली (एनडीएमसी व कैंट क्षेत्र), कर्नाटक, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, गोवा, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम शामिल हैं। अभियान के पहले दिन ही करीब 55 हजार परिवारों ने स्व-गणना पूरी की।
जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत Droupadi Murmu ने स्व-गणना के जरिए की। वहीं Narendra Modi, Amit Shah और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी ऑनलाइन फॉर्म भरकर इस अभियान में भाग लिया।
सरकार के अनुसार, यह भारत की पहली ऐसी जनगणना है जिसमें पूरी तरह डिजिटल डेटा संग्रहण के साथ स्व-गणना की सुविधा दी गई है। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी के जरिए लॉगिन कर फॉर्म भर सकते हैं।
फॉर्म जमा करने के बाद एक यूनिक सेल्फ-एनुमरेशन आईडी (SE ID) जारी की जाती है, जिसे बाद में घर-घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा।
पहले चरण में घरों की गिनती के साथ उनकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
यह चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। प्रत्येक राज्य को इसके लिए अधिसूचित 30 दिनों की अवधि दी जाएगी। साथ ही, पहली बार घर-घर सर्वेक्षण से पहले 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि स्व-गणना के लिए प्रदान की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी तथा यह सुविधा 16 भाषाओं में उपलब्ध है।



