लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद
रायपुर : गरियाबंद जिले का सायबिनकछार गांव जो नक्सलियों के लाल आतंक के साये में गुजर रहा था, जिसे नक्सलियों की राजधानी कहा जाता था… जो अब नक्सल मुक्त हो गया है, ऐसे में अब गांव की ग्रामीणों ने आज जिले के आला प्रशासनिक अधिकारियों का गाजे बाजे के साथ आत्मीय स्वागत किया एवं पूरा गांव आज किसी त्योहार की तरह जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर को मना रहा था आपको बता दें कि 46 साल पूर्व तत्कालीन कलेक्टर स्वर्गीय अजीत जोगी जी इस गांव को आए हुए थे एवं 40 साल बाद कोई कलेक्टर सायबिनकछार गांव आज पहुंचा एवं गांव में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन हुआ ।
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जरा गौर से देखिए यह ठोल नागाड़े किसी मंत्री नेता या संसद का स्वागत नहीं कर रहा है बल्कि नक्सल मुक्त होने के बाद जिले के कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ एवं प्रशासनिक अधिकारियों को स्वागत आत्मीयता के साथ कर रही है दरअसल सायबीनकछार गांव जो नक्सलवाद की दंश झेल रहा था जहां के ग्रामीण लाल आतंक के साए में जिंदगी जीने को मजबूर थे लेकिन नक्सली मुक्त होने के बाद अब वह प्रशासन के साथ सरकार की योजनाओं से जुड़ना चाहते हैं एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं ऐसे में आज इस गांव में किसी चीज त्यौहार जैसा माहौल लग रहा था नक्सल मुक्त होने के बाद पूरे ग्रामीण आज जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में पहुंचे हुए थे एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का जानकारी लिया ।



