बस्तर, 01 अप्रैल। Anti Naxal Operation : छत्तीसगढ़ में सरकार की सख्त नीति और लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों का असर अब ज़मीन पर साफ दिखने लगा है। सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों की रणनीति और भरोसे के माहौल ने बस्तर में बड़ा बदलाव लाया है। इसी का नतीजा है कि सरेंडर की डेडलाइन के आखिरी दिन एक बड़ा ब्रेकथ्रू सामने आया, जहां 1.47 करोड़ के इनामी 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान करोड़ों रुपये नकद और सोना बरामद हुआ, साथ ही 93 हथियार भी सुरक्षा बलों के हवाले किए गए।
दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के 25 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 12 महिला और 13 पुरुष नक्सली शामिल हैं। सभी मिलाकर करीब 1 करोड़ 47 लाख रुपए के इनामी बताए जा रहे हैं।

आत्मसमर्पण के साथ ही सुरक्षा बलों ने माओवादी इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी का दावा किया है। नक्सलियों के पास से 2 करोड़ 90 लाख रुपए नकद और करीब 7.20 किलोग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग 11.16 करोड़ रुपए आंकी गई है, बरामद हुआ है।
93 घातक हथियार भी किए गए बरामद
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार भी सौंपे हैं। इनमें 4 AK-47 रायफल, 9 SLR, 1 इंसास LMG, 7 इंसास रायफल, 1 कार्बाइन, 12 रायफल (303), 1 पिस्टल, 7 सिंगल शॉट, 23 बीजीएल लांचर, 3 (315 बोर) और 14 (12 बोर) सहित कुल 93 हथियार शामिल हैं।
कई बड़े कैडर ने छोड़ा नक्सल संगठन
आत्मसमर्पण करने वालों में CyPC मंगल कोरसा उर्फ मोटू, CyPC आकाश उर्फ फागु उईका, DVCM शंकर मुचाकी (पश्चिम बस्तर डिवीजन प्लाटून नंबर 12 कमांडर), ACM राजू रैयाम उर्फ मुन्ना और ACM पाले कुरसम जैसे वरिष्ठ माओवादी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संगठन की निरर्थकता को स्वीकार करते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह सरेंडर अभियान नक्सलवाद के खिलाफ चल रही रणनीति का अहम हिस्सा है और इससे क्षेत्र में शांति बहाली को बल मिलेगा।

बस्तर। नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन के अंतिम दिन बस्तर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के 25 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 12 महिला और 13 पुरुष नक्सली शामिल हैं। सभी मिलाकर करीब 1 करोड़ 47 लाख रुपए के इनामी बताए जा रहे हैं।
आत्मसमर्पण के साथ ही सुरक्षा बलों ने माओवादी इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी का दावा किया है। नक्सलियों के पास से 2 करोड़ 90 लाख रुपए नकद और करीब 7.20 किलोग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग 11.16 करोड़ रुपए आंकी गई है, बरामद हुआ है।
93 घातक हथियार भी किए गए बरामद
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार भी सौंपे हैं। इनमें 4 AK-47 रायफल, 9 SLR, 1 इंसास LMG, 7 इंसास रायफल, 1 कार्बाइन, 12 रायफल (303), 1 पिस्टल, 7 सिंगल शॉट, 23 बीजीएल लांचर, 3 (315 बोर) और 14 (12 बोर) सहित कुल 93 हथियार शामिल हैं।
कई बड़े कैडर ने छोड़ा नक्सल संगठन
आत्मसमर्पण करने वालों में CyPC मंगल कोरसा उर्फ मोटू, CyPC आकाश उर्फ फागु उईका, DVCM शंकर मुचाकी (पश्चिम बस्तर डिवीजन प्लाटून नंबर 12 कमांडर), ACM राजू रैयाम उर्फ मुन्ना और ACM पाले कुरसम जैसे वरिष्ठ माओवादी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संगठन की निरर्थकता को स्वीकार करते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह सरेंडर अभियान नक्सलवाद के खिलाफ चल रही रणनीति (Bastar Naxal Surrender) का अहम हिस्सा है और इससे क्षेत्र में शांति बहाली को बल मिलेगा।



