रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी, जो वर्तमान में आई.जी. नार्कोटिक्स के पद पर कार्यरत थे, कल जारी गृह विभाग के आदेश के अनुसार सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्यवाही सोशल मीडिया पर वायरल हुई आपत्तिजनक चैट और गंभीर आरोपों के मद्देनजर की गई है।
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चैट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सचिवालय के संबंध में अनर्गल टिप्पणी दिखाई दे रही है। चैट जिस नंबर से की गई है वह नंबर आईपीएस रतन लाल डांगी का व्यक्तिगत नंबर है।

कथित महिला ने भी लगायें है, दैहिक और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप
पिछले दिनों एक महिला जो कथित रूप से एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी हैं, ने डांगी पर दैहिक, मानसिक और आर्थिक शोषण के आरोप लगाते हुए पुलिस मुख्यालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए थे।
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वरिष्ठ आईपीएस पर आरोपों की लंबी लिस्ट और जांच में देरी
पीड़िता का दावा है कि उन्होंने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद, विशेष समिति द्वारा बयान दर्ज करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का आरोप है कि डांगी अपने पद और प्रभाव का उपयोग कर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे थे। उनका कहना है कि यदि यह मामला किसी निचले पदस्थ पुलिसकर्मी का होता, तो तुरंत कार्रवाई की जाती।

व्यक्तिगत नंबर की वायरल चैट ने हिला दी तंत्र व्यवस्था
सोशल मीडिया पर वायरल चैट में दावा किया गया कि प्रदेश की वास्तविक नियंत्रण शक्ति “2005 बैच के IPS राहुल भगत” के हाथों में केंद्रित है। कई पोस्टिंग, ट्रांसफर और फाइलें सीधे उनके “दरवाजे” से गुजरती हैं, जबकि औपचारिक मंजूरी मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गई है।

चैट में यह भी दावा किया गया है कि “सीएम नहीं… राहुल भगत ही सब कर रहे हैं… और सीएम का नाम लेकर चुपचाप अपना काम निकाल रहे हैं।”

इसके अलावा चैट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम का भी उपयोग किया गया है, जिससे यह प्रतीत होता है कि फैसलों को रोकने या टालने के लिए ऊपरी स्तर का हवाला दिया जा रहा है।

कथित लेन-देन और सत्ता संघर्ष
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जहां रायपुर कमिश्नरी पोस्टिंग के लिए 5 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की चर्चा है। इसमें कोरबा के एक ठेकेदार द्वारा 2.5 करोड़ रुपये एडवांस देने की बात सामने आई है। वहीं महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने मामले को पूरे प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक हलकों में हॉट टॉपिक बना दिया है।

प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने छत्तीसगढ़ राज्य के पुलिस और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल चैट और आरोप यह संकेत देते हैं कि कहीं न कहीं “अदृश्य नियंत्रण” का सिस्टम काम कर रहा है। यदि फैसले औपचारिक चैनलों से हटकर कहीं और तय हो रहे हैं, तो यह राज्य की शासन व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।

रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN24 न्यूज चैनल – पैनी नज़र तेज़ खबर.
वरिष्ठ आईपीएस रतन लाल डांगी के खिलाफ कथित महिला द्वारा पुलिस मुख्यालय में साक्ष्यों के साथ उपस्थिति और वायरल चैट पर आईपीएस की निलंबन कार्यवाही के समाचार को सबसे पहले रायपुर न्यूज नेटवर्क एवं RNN24 न्यूज चैनल की टीम ने उजागर किया था।



