Global Energy Crisis : वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि केवल ‘गैर-दुश्मन’ जहाजों को ही इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
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न्यूयॉर्क स्थित ईरानी मिशन ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि जो जहाज ईरान के खिलाफ किसी आक्रामक कार्रवाई में शामिल नहीं हैं और न ही उसका समर्थन करते हैं, वे निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए ईरानी अधिकारियों से समन्वय कर सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं। (Global Energy Crisis)
पहले लेनी होगी अनुमति
ईरान की डिफेंस काउंसिल ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी गैर-दुश्मन जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से पहले ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर अपने क्षेत्र में हमलों का आरोप लगाया है।
ईरान के सरकारी प्रसारक Press TV के अनुसार, देश अब अपनी समुद्री सुरक्षा को लेकर और अधिक सख्ती बरत रहा है। डिफेंस काउंसिल ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजरायल द्वारा ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर दोबारा हमला किया गया, तो ईरानी सशस्त्र बल ‘निर्णायक और विनाशकारी’ जवाब देंगे।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य ओमान और ईरान के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है।
हालिया तनाव और संघर्ष के चलते इस मार्ग पर कई जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान जहाजों की आवाजाही को सुचारु रूप से अनुमति देता है, तो इससे ऊर्जा आपूर्ति में कुछ राहत मिल सकती है।
ट्रंप का बयान
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका ने युद्ध में बढ़त हासिल कर ली है और ईरान की नौसेना व वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और ईरान समझौता करना चाहता है।
ट्रंप ने कहा, “हम बातचीत कर रहे हैं। वे डील करना चाहते हैं। उनकी नौसेना, एयर फोर्स और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। (Global Energy Crisis)



