नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा ऑब्जर्वेशन होम से रविवार शाम तीन बंदियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरार हुए बंदियों में दबलेहर आरएस पुरा निवासी करजीत सिंह उर्फ गुग्गा और दो पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद सुना-उल्लाह व अहसान अनवर शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, भागने से पहले इन तीनों ने ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला किया।
हमले के दौरान बंदियों ने पिस्तौल का इस्तेमाल करते हुए फायरिंग की। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक बंदी को पुलिसकर्मी पर पीछे से हथियार तानते और गोली चलाते देखा जा सकता है। फिलहाल, पिस्तौल उनके पास कैसे पहुंची, इसका खुलासा नहीं हो पाया है और इस पहलू की गहन जांच की जा रही है।
हमले में घायल हुए पुलिसकर्मी विनय कुमार और प्रवीन कुमार को तुरंत आरएस पुरा के सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार बंदियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। बताया गया है कि दो पाकिस्तानी किशोर गलती से सीमा पार कर भारत में आए थे और किसी आतंकी गतिविधि से उनका कोई संबंध नहीं है। करजीत सिंह स्थानीय गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, तीनों बंदियों ने आरएस पुरा में लगभग शाम 5 बजकर 15 मिनट पर अचानक हमला किया और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर उन्हें जल्द पकड़ने की कोशिश कर रही है।



