भारत : की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। 114 राफेल जेट डील को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने गुरुवार को तीनों सेनाओं से जुड़े कई अहम अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। रक्षा मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद शामिल है।
डीएसी ने इसके साथ ही अमेरिका से छह अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी युद्धक विमानों की खरीद को भी हरी झंडी दी है। यह सभी फैसले ऐसे समय में लिए गए हैं जब भारतीय वायु सेना विमानों की गंभीर कमी का सामना कर रही है। फिलहाल वायु सेना के पास सिर्फ 29 स्क्वाड्रन बचे हैं, जबकि जरूरत इससे कहीं अधिक है।
इस 114 राफेल जेट डील की कुल अनुमानित लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि डीएसी की मंजूरी के बाद भी इस मेगा रक्षा सौदे को अंतिम स्वीकृति नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मिलनी बाकी है।
प्रस्ताव के अनुसार, भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा, जबकि शेष 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इनमें कुछ टू-सीटर वर्जन होंगे, जिनका उपयोग पायलट प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। डील में तकनीक हस्तांतरण और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने का प्रावधान भी शामिल है।



