महिला बाल विकास विभाग ने पीडब्ल्यूडी से कहा आप कीजिए काम, जवाब आया संभव नहीं है :सुबोध हरितवाल
रायपुर :- कल छग प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री सुबोध हरितवाल ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से खुलासा किया कि मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन में भ्रष्टाचार व्याप्त है और आज राज्य सरकार ने अपने निर्णय के पलटते हुए एम्पैनलड वेंडर की जगह अब पीडब्ल्यूडी को एजेंसी बनाकर प्रस्ताव भेजा गया है कि आगे का आसरा कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग अपनी दर के आधार पर करे और महिला बाल विकास विभाग पेमेंट उन्हें करेगा। परन्तु सबसे मजेदार बात ये है कि महिला बाल विकास विभाग के निवेदन को खारिज करते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने पत्राचार करते हुए सीधे तौर पर कार्य करने में असमर्थता जता दी है।
सुबोध हरितवाल ने कहा कि सवाल फिर खड़े होता है कि ये क्यों करना पड़ा, आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि प्रक्रिया को रद्द करते हुए आनन फानन में पीडब्ल्यूडी को एजेंसी बनाने का निर्णय लिया गया जबकि सिर्फ 4 दिन बाकी है कार्यक्रम में और इससे बड़ा सवाल ये है कि क्यों पीडब्ल्यूडी विभाग ने कार्य को सीधे तौर पर खारिज करते हुए असमर्थता जाहिर कर दी।
सुबोध हरितवाल ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से ये साफ तौर पर स्थापित होता है कि महिला बाल विकास विभाग कही न कही भ्रष्टाचार में लिप्त है और अब लीपापोती की तैयारी में लगा हुआ है परंतु दूसरे विभाग इनके कृत्य में शामिल होने से साफ बचते हुए नजर आ रहे हैं ।
ऐसे में पुनः कुछ सवाल है जो राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए:
1. यदि आप सही थे तो क्यों 05/02/2026 को होने वाला प्रेजेंटेशन रद्द किया गया?
2. अगर आप सही थे तो एजेंसी बदलने चिट्ठी क्यों लिखी गई?
3. अगर आप सही थे तो क्यों पीडब्ल्यूडी आपकी मदद नहीं कर रहा?
4. अगर वहां काम हो चुका है तो अब किस दर पर दूसरी एजेंसी उस स्थान पर कार्य कर सकती है?
5. अभिषेक टेंट हाउस को अनुमति किसने दी थी?
अतः इस पूरे प्रकरण से भाजपा की सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार साबित होता है साथ ही हम ये मांग करते है कि मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और उनके सहयोगी अधिकारियों और व्यापारियों पर तत्काल सरकार कार्यवाही करें।



