बेमेतरा :- बेमेतरा जिले के कई ग्राम पंचायत भवन आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं आलम यह है कि सरपंच, सचिव और जनप्रतिनिधि अपनी जान जोखिम में डालकर बैठकें करने को मजबूर हैं। ताज़ा मामला बेरला जनपद के ग्राम पंचायत आनंदगांव का है, जहाँ पंचायत भवन ‘मौत के साये’ में तब्दील हो चुका है। जर्जर दीवारों और धंसती जमीन के बीच यहाँ ग्रामीण विकास की योजनाएं बनाई जा रही हैं
बेमेतरा जिले में विकास के दावों के बीच आनंदगांव पंचायत भवन की हकीकत डराने वाली है। यहाँ की स्थिति इतनी खराब है कि दीवारों का प्लास्टर हाथ लगाते ही गिर रहा है कमरों के अंदर लगी टाइल्स उखड़ चुकी हैं और जमीन कई जगहों से धंस गई है जनप्रतिनिधियों के लिए बनाया गया शौचालय इतना जर्जर है कि वह कभी भी धराशायी हो सकता है ग्राम पंचायत के युवा सरपंच चंदन नायक ने थक-हारकर सोशल मीडिया के जरिए अपनी पीड़ा जाहिर की है, ताकि प्रशासन की नींद खुले हालाँकि,इस मामले में एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है। जिला पंचायत सीईओ प्रेम लता पद्माकर ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया है और भरोसा दिलाया है कि नए भवन का प्रपोजल तैयार है..चंदन नायक सरपंच का कहना है की भवन की स्थिति बहुत ही भयावह है। हम डर के साये में काम करते हैं। मैंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक अपनी बात पहुँचाई है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो…जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर ने कहा हमें मामले की जानकारी है और मैंने खुद निरीक्षण किया है प्रपोजल तैयार कर लिया गया है, जल्द ही आनंदगांव में नया और बेहतर पंचायत भवन बनकर तैयार होगा
अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह फाइल कब तक धरातल पर उतरती है और आनंदगांव के जनप्रतिनिधियों को इस जर्जर ढांचे से कब मुक्ति मिलती है


