बस्तर। जिले में नौकरी लगाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति से उसकी बेटी और भांजी को आश्रम अधीक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी खुद फार्मासिस्ट है और उसने खुद को प्रभावशाली बताते हुए यह धोखाधड़ी की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को जगदलपुर के कुम्हारपारा निवासी अनंत राम कश्यप ने बोधघाट थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान प्रमोद सिंह भार्गव (43) से थी, जो बजरंगपुर नवागांव, जिला राजनांदगांव का निवासी है और वर्तमान में कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े करेंगा में फार्मासिस्ट के पद पर पदस्थ था।
आरोपी ने दावा किया था कि उसका जीजा व्यापम में अधिकारी है और वह आसानी से उनकी बेटी और भांजी को आश्रम अधीक्षक की नौकरी दिला सकता है। इस भरोसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में आरोपी को 10 लाख रुपये दे दिए। लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही पैसे वापस मिले। काफी समय बीतने के बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तब उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में टीम बनाई गई। पुलिस ने कोंडागांव से आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 31 जनवरी 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।



