रायपुर। जिले की रहने वाली एक महिला ने अपने ही बेटे और उसके दोस्त पर धोखाधड़ी कर जमीन और मकान बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता मनोरमा भिवंडे, निवासी अमर चौक शर्मा बाड़ा, राजातालाब रायपुर ने पुलिस को बताया कि दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रीति विहार के सामने उनके नाम पर 1420 वर्गफीट की जमीन है, जिस पर उन्होंने अपने खर्च से मकान का निर्माण कराया है।
पीड़िता के अनुसार, पैसों की जरूरत पड़ने पर उन्होंने अपने बड़े बेटे प्रवीण भिवंडे और उसके दोस्त पारस प्रसाद केसरी को केवल लोन निकलवाने के उद्देश्य से ऋण पुस्तिका और रजिस्ट्री के दस्तावेज दिए थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया था कि दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराकर मूल कागजात लौटा दिए जाएं।
महिला का आरोप है कि बेटे और उसके दोस्त ने आपसी मिलीभगत से उनकी गैरमौजूदगी में और बिना जानकारी के उक्त जमीन और मकान को विभोर गुप्ता नामक व्यक्ति को बेच दिया। इस धोखाधड़ी की जानकारी उन्हें 16 जनवरी 2026 को तब हुई, जब उन्होंने देखा कि उनके मकान में निर्माण कार्य चल रहा है।
इसके बाद 17 जनवरी को जब मनोरमा भिवंडे अमलेश्वर स्थित मकान पहुंचीं, तो वहां मौजूद मजदूरों और कथित खरीदार से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बताया गया कि 17 लाख रुपये में इकरारनामा कर 5.50 लाख रुपये नकद एडवांस लिए गए हैं। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने दावा किया कि उसी संपत्ति का सौदा संजना पाण्डेय से 18 लाख रुपये में तय कर 7.50 लाख रुपये लिए गए।
पीड़िता ने बताया कि 7.50 लाख रुपये उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में आए थे, जिसे बेटे ने यह कहकर निकलवा लिया कि यह किसी दोस्त की रकम है। बाद में उन्हें समझ आया कि यह राशि संपत्ति सौदे से जुड़ी थी। महिला का आरोप है कि उनके नाम से दो फर्जी इकरारनामा और एक पावर ऑफ अटॉर्नी बनाई गई है, जबकि उन्होंने किसी नोटरी के सामने हस्ताक्षर नहीं किए।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।



