रायपुर। राजधानी में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद अपराधों पर कार्रवाई तेज हो गई है। बाइक और मोबाइल चोरी, चाकूबाजी, छेड़खानी, लूट और साइबर फ्रॉड जैसी घटनाओं में अब बिना देरी के एफआईआर दर्ज की जा रही है। कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के महज 8 दिनों के भीतर शहर में कुल 201 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 15 बाइक चोरी के केस शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नर के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी थाने में शिकायत आने पर प्राथमिक जांच के बाद तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। मामूली चाकूबाजी या धारदार हथियार से हमले के मामलों में भी हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है, ताकि बदमाशों पर सख्त कार्रवाई हो सके और वे दोबारा बड़ी वारदात को अंजाम न दे सकें।
बाइक चोरी, मोबाइल चोरी, उठाईगिरी, लूट और साइबर फ्रॉड के मामलों में भी तुरंत केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पीड़ितों को थाने के चक्कर न काटने पड़ें। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा एफआईआर दर्ज होने से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी आसान होगी। पुलिस को आंकड़ों की चिंता किए बिना कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जमीन विवाद और लेन-देन से जुड़े मामलों में पुख्ता दस्तावेजों और जांच के बाद केस दर्ज करने को कहा गया है। वहीं महिला संबंधी अपराधों में तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को लघु अपराधों की बजाय गंभीर अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई करने को कहा गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 8 दिनों में सबसे ज्यादा एफआईआर टिकरापारा थाने में 26, खमतराई में 23 और डीडी नगर में 21 दर्ज हुई हैं। सिविल लाइन में 15, उरला में 13, राजेंद्र नगर में 11 और तेलीबांधा में 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सबसे कम एफआईआर देवेंद्र नगर में 2 और मुजगहन में 3 दर्ज हुई हैं। मुजगहन में एक ही दिन में हत्या के प्रयास के दो मामले सामने आए, जिनमें एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
गौरतलब है कि पहले चाकूबाजी जैसी घटनाओं में पीड़ितों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर लगाने पड़ते थे। वाहन चोरी के मामलों में एफआईआर तत्काल दर्ज नहीं होती थी और आवेदन कई-कई हफ्तों तक लंबित रहते थे। मोबाइल चोरी में सिर्फ गुमशुदगी का आवेदन लेकर पीड़ित को लौटा दिया जाता था, वहीं साइबर फ्रॉड के मामलों में भी देरी होती थी। अब पुलिस कमिश्नर के निर्देश के बाद ऐसी सभी शिकायतों में सीधे एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।



