सक्ती। जिले में धान खरीदी व्यवस्था में एक बार फिर भारी घोटाले का खुलासा हुआ है। डभरा क्षेत्र के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में भौतिक सत्यापन के दौरान करीब 3200 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 99 लाख 20 हजार रुपये है।
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जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई कि धान की इस भारी कमी को छिपाने के लिए देर रात बोरियों में मिट्टी और कंकड़ भरकर वजन बढ़ाया जा रहा था। कई बोरियों में 5 से 10 किलो तक मिट्टी-कंकड़ मिलाया गया था, जबकि कुछ बोरियों में 30 किलो धान के साथ करीब 10 किलो मिट्टी-कंकड़ पाया गया। यह धांधली किसानों के धान को खरीदने के नाम पर सरकारी खजाने की लूट का स्पष्ट मामला है।
धान सार्टेज की शिकायत मिलने पर जिला नोडल अधिकारी वासू जैन के नेतृत्व में आधी रात टीम ने पुटीडीह धान खरीदी केंद्र पर अचानक छापा मारा। मौके पर गंभीर अनियमितता पकड़े जाने के बाद तत्काल पंचनामा तैयार किया गया और मिट्टी-कंकड़ मिली बोरियां जब्त कर ली गईं।
इस घटना ने धान खरीदी केंद्र की पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोडल अधिकारी वासू जैन ने बताया कि धान खरीदी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नए प्रभारी की नियुक्ति कर दी गई है और व्यवस्था को सुचारू रखा जाएगा।
स्थानीय किसानों और राजनीतिक दलों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। कई किसानों ने कहा कि सरकारी खरीदी केंद्रों पर इस तरह की धांधली से उनका भरोसा टूट रहा है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी।



