बिलासपुर। न्यायधानी में स्वच्छता अभियान की कमजोर स्थिति एक बार फिर सामने आई है। शहर के कई इलाकों में कचरे का नियमित उठाव नहीं होने से जगह-जगह डंप कचरे के ढेर लग गए हैं। इसी लापरवाही के बीच रविवार दोपहर अज्ञात तत्वों ने डंप कचरे में आग लगा दी, जिससे पूरे इलाके में जहरीला धुआं फैल गया। बिलासपुर कचरा आग की यह घटना न केवल वायु प्रदूषण बढ़ाने वाली रही, बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी पैदा कर गई।
नगर निगम स्वच्छता अभियान के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है। कचरा प्रबंधन की खामियों के चलते खुले में पड़े कचरे को आग के हवाले किया जा रहा है। इससे पहले निगम क्षेत्र के सिरगिट्टी स्थित आवास पारा में भी डंप कचरे में आग लगाई गई थी, लेकिन अब तक आग लगाने वालों की पहचान नहीं हो सकी है।
रविवार को ताजा मामला व्यापार विहार स्थित त्रिवेणी भवन के पास सामने आया, जहां खाली जमीन पर डंप कचरे में आग लगा दी गई। आग से उठता धुआं न सिर्फ शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी साफ दिखाई दिया। धुएं को देखकर लोगों को आशंका हुई कि कहीं सिरगिट्टी या व्यापार विहार की किसी दुकान में आग न लग गई हो।
मौके पर पहुंचने पर पता चला कि कचरे में आग लगी थी, जिसमें पॉलिथीन के साथ-साथ केमिकल युक्त पदार्थ भी शामिल थे। रविवार होने के कारण व्यापार विहार की दुकानें बंद थीं, लेकिन जिस स्थान पर आग लगी, वहां आसपास लोगों का बसेरा है। ऐसे में जहरीले धुएं से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बना रहा।
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। यदि समय रहते कचरा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो बिलासपुर कचरा आग जैसी घटनाएं भविष्य में और बड़ा खतरा बन सकती हैं।



