रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने कहा है कि राजनीति का अपराधीकरण और अपराधियों का राजनीतिकरण करके कांग्रेस अब अपराधों को लेकर सियासी पाखण्ड का प्रदर्शन कर रही है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव गुंजन सिंह द्वारा प्रदेश में अपराधों को लेकर आयोजित पत्र-वार्ता पर पलटवार करते हुए उन्होंने प्रदेश में अपराधों को लेकर स्यापा मचा रही कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में हो रहे अधिकांश अपराधों में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं की संलिप्तता सामने आने के बाद अब कांग्रेस को पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए।
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर शर्म महसूस करनी चाहिए कि उसके शासनकाल में कानून-व्यवस्था की कैसी भयावह स्थिति बनी हुई थी! प्रदेश में जंगलराज चल रहा था। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में जैसी परिस्थितियाँ बनी हुई थीं, उसमें अपराध की हर विधा ने छत्तीसगढ़ को अपराध और भ्रष्टाचार का गढ़ बनाने का काम किया। लॉ एण्ड ऑर्डर पर न तो सरकार का ध्यान रहा और न ही पुलिस प्रशासन सत्तावादी संरक्षण के चलते अपराधियों पर कोई सख्त कार्रवाई कर पाया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन भूपेश सरकार का पूरा ध्यान तो केवल पैसों की उगाही पर ही केंद्रित रह गया था और इस काम में समूचा पुलिस प्रशासन झोंक दिया गया था। आज भी कई आईपीएस अधिकारी और पुलिस जवान इसके चलते कानूनी कार्रवाई के शिकंजे में हैं। अपने शासनकाल में कांग्रेस के सत्ताधीशों ने पुलिस को कानून-व्यवस्था के काम से हटाकर दीगर ऐसी करतूतों को अंजाम देने में लगा दिया था, जिसके कारण प्रदेश में हर तरह के अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सैकड़ों किसानों ने आत्महत्या की, हजारों युवाओं ने खुदकुशी की। दर्जनों बलात्कार रोज होते थे। आदिवासी बच्चियों से रेप में तब प्रदेश समूचे देश में पहले नंबर पर था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकांश अपराधों में या तो कांग्रेस के नेताओं की सीधी संलिप्तता होती थी, या अपराधियों को कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त होता था। कांग्रेस के समय प्राथमिकी दर्ज होना भी कठिन था। कांकेर में तो दुष्कर्म की शिकार एक आदिवासी बच्ची के पिता ने एफआईआर दर्ज नहीं होने पर आत्महत्या तक की कोशिश की थी। अब प्रदेश में हालात बेहतर हैं। अब जो आँकड़े आपको दिखेंगे भी, वह इसलिए क्योंकि आज एफआईआर दर्ज हो रही हैं और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने कहा कि जांजगीर जिले के पेण्ड्री में घटित डकैती के मामले में जो हथियार बरामद हुए हैं, वह क्षेत्रीय विधायक के घर से मिले हैं। बलौदाबाजार हिंसा से लेकर डकैती के इस ताजा खुलासे तक कांग्रेस का यही राजनीतिक चरित्र सामने आ रहा है। कांग्रेस के विधायक के घर से हथियार मिल रहे हैं, कांग्रेस की एक महिला विधायक का रेत खनन के अवैध कारोबार के लिए रंगदारी वसूलने का ऑडियो वायरल हो रहा है, किसानों के लाखों रुपए फर्जी तरीके से अपने और अपनी पत्नी के खाते में ट्रांस्फर करने के आरोप भी कांग्रेस के ही एक विधायक पर लगे हैं। बस्तर से लेकर सरगुजा तक कांग्रेस नेताओं की अपराधों में संलिप्तता उजागर हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा यह कहती रही है कि प्रदेश में जहां भी अपराध होता है, वहाँ या तो कांग्रेस का संरक्षण होता है, या कांग्रेस के नेतागण ख़ुद ही अपराध में संलिप्त होते हैं। कांग्रेस का यह दोहरा राजनीतिक चरित्र ही प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा पर सबसे बड़ी चुनौती है। महिलाओं के आत्मसम्मान को लेकर घड़ियाली आँसू बहाने के बजाय गुंजन सिंह को यह देखना चाहिए कि पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में कदम-कदम पर किस तरह महिलाओं का आत्मसम्मान रौंदा जाता रहा! अपनी ही पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ छत्तीसगढ़ के कांग्रेस दफ्तर में हुई बदसलूकी को क्या गुंजन सिंह भूल चुकी हैं? मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया ने अजा-अजजा एवं पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अश्लील टिप्पणी कर समस्त नारी-शक्ति का अपमान किया है। अजा-अजजा व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं व बच्चियों के साथ होने वाले बलात्कार को धर्मग्रंथों से जोड़कर की गई बरैया की टिप्पणी को अश्लीलता की पराकाष्ठा बताने और उन पर कार्रवाई करने का दबाव बनाने का साहस गुंजन सिंह कभी दिखा पाएंगी?



