दुर्ग। जिले की केंद्रीय जेल में हत्या (धारा 302) के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया था, जहां अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद उसने अंतिम सांस ली।
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मृतक कैदी की पहचान
मृतक का नाम विनय प्रताप सिंह (35 वर्ष) है। वह दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक गंभीर मामले में आरोपी था। मार्च 2023 से वह केंद्रीय जेल दुर्ग में बंद था। मामले की लंबी सुनवाई के बाद 28 नवंबर 2025 को अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी, जिसके बाद वह जेल में सजा काट रहा था।
स्वास्थ्य स्थिति और मौत का कारण
जेल प्रशासन के अनुसार, विनय प्रताप सिंह लंबे समय से लो शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) और मानसिक बीमारी से ग्रस्त था। उसकी तबीयत बार-बार बिगड़ती रहती थी, जिसके चलते जेल अस्पताल में उसका नियमित इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की देखरेख में उसे दवाइयां दी जा रही थीं और समय-समय पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता था। जेल अधीक्षक मनीष संभाकर ने बताया कि बीते दिन सुबह अचानक कैदी की हालत गंभीर हो गई।
लो शुगर के कारण उसकी स्थिति और बिगड़ गई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने तुरंत फैसला लेते हुए उसे रायपुर के उच्च स्तरीय अस्पताल रेफर कर दिया। एम्बुलेंस के माध्यम से कैदी को रायपुर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। रायपुर अस्पताल से मिली सूचना पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।



