MP News : के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में आयोजित कवि सम्मेलन एक दुखद घटना का गवाह बन गया, जब 70 वर्षीय कवि सत्यप्रकाश खरे ‘सत्य-सुधा’ की अचानक मृत्यु हो गई। घटना उस समय हुई, जब उन्होंने मंच पर अपनी दिवंगत पत्नी सुधा खरे की स्मृति में भावुक कविता का पाठ किया था।
सत्यप्रकाश खरे ने कार्यक्रम में कहा कि उनकी पत्नी को कविता लिखने का गहरा शौक था और वे स्वयं कवि नहीं माने जाते थे। सुधा खरे का निधन लगभग एक वर्ष पहले हो चुका था। उनकी स्मृतियों में डूबकर उन्होंने कविता लिखना शुरू किया था।
काव्य पाठ समाप्त होने के बाद सत्यप्रकाश खरे मंच के पास सोफे पर बैठ गए। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया गया है।
इस दुखद घटना ने पूरे कवि सम्मेलन में शोक और संवेदना की लहर दौड़ा दी। जिस मंच पर कुछ ही देर पहले प्रेम और यादों को शब्दों में पिरोया गया था, वहीं साहित्य जगत के एक संवेदनशील रचनाकार की जीवन यात्रा समाप्त हो गई।
निवाड़ी और टीकमगढ़ के कई कवियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से सत्यप्रकाश खरे को श्रद्धांजलि अर्पित की है। ‘सत्य-सुधा’ साहित्य जगत का जाना-पहचाना नाम थे। वे रिटायर्ड LIC अधिकारी भी रहे और अपनी सरलता, सौम्य स्वभाव और साहित्यिक लगाव के लिए विशेष पहचान रखते थे। उनके निधन से साहित्यिक दुनिया में अपूरणीय क्षति हुई है।



