राजनांदगांव। जिले के सुदूर ग्राम धर्मापुर में एक बड़े अवैध धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी डेविड चाको नामक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। लालबाग थाना क्षेत्र के सुकुलदेहन चौकी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
जांच में सामने आया है कि बिजली की व्यवस्था न होने वाले सुदूर गांवों में डिजिटल प्रोजेक्टर लगाकर ग्रामीणों को प्रभावित किया जा रहा था। आरोपी के पास से सोलर-आधारित हाई-टेक प्रोजेक्टर जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर में आंकी जा रही है। पुलिस को शक है कि इनकी फंडिंग विदेशों से हो रही थी।
यह भी पढ़े :- रेंज में पुलिस महकमे में फेरबदल, 11 पुलिसकर्मियों का तबादला
मामले की शुरुआत 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से मिली एक लिखित शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है, जहां नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है और धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।
जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के पास से जब्त विदेशी उपकरणों से संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क राज्य के कई जिलों में फैला हुआ है। पुलिस ने कहा कि जांच में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



