रायपुर : से आई एक बड़ी खबर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जेल विभाग पदोन्नति मामले में अहम आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश देते हुए अमित शांडिल्य को पुनः उपमहानिरीक्षक (DIG) जेल के पद पर नियुक्त करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने एस.एस. तिग्गा को दी गई पदोन्नति को निरस्त कर दिया है। यह फैसला सेवा नियमों के पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।
वरिष्ठता सूची में शीर्ष पर थे अमित शांडिल्य
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि DIG जेल पद के लिए निर्धारित वरिष्ठता और पात्रता सूची में अमित शांडिल्य का नाम सबसे ऊपर था। इसके बावजूद उन्हें नजरअंदाज करते हुए एस.एस. तिग्गा को पदोन्नति दे दी गई थी। कोर्ट ने इसे स्पष्ट रूप से सेवा नियमों और वरिष्ठता के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।
नियमों की अनदेखी पर अदालत की सख्त टिप्पणी
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि पदोन्नति देते समय न तो वरिष्ठता के मूल सिद्धांतों का पालन किया गया और न ही तय प्रक्रिया को ध्यान में रखा गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासनिक निर्णय मनमाने तरीके से नहीं लिए जा सकते, खासकर जब नियम और पात्रता स्पष्ट रूप से तय हों।
प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण संदेश
यह फैसला न सिर्फ अमित शांडिल्य के लिए राहत भरा है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक सख्त संदेश भी देता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जेल विभाग पदोन्नति मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि नियमों की अनदेखी कर की गई कोई भी पदोन्नति न्यायिक जांच में टिक नहीं सकती।



