कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुतर्रा (अचानकपुर) से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गर्भवती पत्नी और आने वाले बच्चे की खुशियों के बीच एक युवक ने कथित तौर पर आत्मघाती कदम उठा लिया। तीन दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद युवक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
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मृतक की पहचान विद्यासागर उइके (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री था। उसका विवाह पिछले वर्ष ही हुआ था और उसकी पत्नी सात माह की गर्भवती है। घर में जल्द ही किलकारी गूंजने की उम्मीद थी, लेकिन नियति ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 जनवरी की शाम विद्यासागर काम से लौटते समय साप्ताहिक बाजार से सब्जी लेकर घर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह हल्के नशे की हालत में था। उसने छोटे भाई से कपड़ों पर लगाने के लिए परफ्यूम मांगा और कुछ ही देर बाद कथित तौर पर परफ्यूम का सेवन कर लिया। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर फांसी लगा ली।
कुछ समय बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। मंझले भाई बजरंग सिंह उइके की मदद से उसे फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया और तत्काल निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां तीन दिन तक चले इलाज के बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर वैधानिक कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। गर्भवती पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं आने वाले बच्चे से पहले ही पिता का साया उठ गया।



