कोरबा। एसईसीएल की दीपका खदान में हुई भारी ब्लास्टिंग एक ग्रामीण की जान ले गई, जिसके बाद पूरे इलाके में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। हादसे के विरोध में ग्रामीणों ने करीब 7 घंटे तक आंदोलन किया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। देर रात करीब 11 बजे प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
बताया गया कि ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थर की चपेट में आने से रेकी गांव निवासी लखन पटेल की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
कटघोरा एसडीएम रोहित सिंह ने बताया कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता में मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को एसईसीएल की कलिंगा कंपनी में नौकरी देने पर सहमति बनी है। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया।
वहीं, पटेल समाज के अध्यक्ष उत्तम पटेल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि दीपका क्षेत्र में ऐसे कई परिवार हैं, जो खदानों की गतिविधियों से प्रभावित हुए हैं और वर्षों से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए सभी लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण की मांग की है।



