रायपुर। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में लंबे समय से चल रही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। महीनों की अंदरूनी कवायद के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर जल्द ही अंतिम मुहर लगने की संभावना है। चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन असली सवाल यही है कि किस खेमे का पलड़ा भारी पड़ेगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने दिल्ली में महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पांच प्रमुख महिला नेताओं के इंटरव्यू लिए। इंटरव्यू देने वालों में बालोद विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक छन्नी साहू, लक्ष्मी ध्रुव, ममता चंद्राकर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा शामिल रहीं। सभी उम्मीदवारों से संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और महिला कांग्रेस को दोबारा सक्रिय करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इंटरव्यू भारतीय राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने लिए।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। फिलहाल दौड़ में दो नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं—संगीता सिन्हा और छन्नी साहू। हालांकि, यह मुकाबला केवल महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे कांग्रेस के दो बड़े नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव—के बीच शक्ति संतुलन की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, संगीता सिन्हा को भूपेश बघेल खेमे की पसंद माना जा रहा है, जबकि छन्नी साहू को टीएस सिंहदेव का भरोसेमंद चेहरा बताया जाता है। छन्नी साहू के मामले में खास बात यह है कि उनका नाम करीब एक साल पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा AICC को भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद फैसला लंबे समय तक लंबित रहा। पार्टी के भीतर इसे प्रशासनिक देरी से ज्यादा सियासी संतुलन की वजह माना जाता रहा है। संगठन में छन्नी साहू अपनी बेबाक शैली और सदस्यता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ने के लिए जानी जाती हैं।
इसी बीच शहीद महेंद्र कर्मा की बेटी तूलिका कर्मा ने भी रेस को दिलचस्प बना दिया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी तूलिका कर्मा को हाल ही में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और ओडिशा महिला कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली में हुए इंटरव्यू के लिए उनका विशेष रूप से राजधानी पहुंचना, संगठन में उनके तेजी से बढ़ते कद की ओर इशारा करता है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जिन पांच नामों पर विचार किया जा रहा है, उनमें से चार विधायक हैं। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी इस बार ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो संगठन को मजबूती देने के साथ-साथ चुनावी मैदान में भी प्रभावी भूमिका निभा सके।
अब गेंद कांग्रेस हाईकमान के पाले में है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में फैसला सामने आ सकता है, और यह निर्णय न सिर्फ महिला कांग्रेस, बल्कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति की दिशा भी तय करेगा।



