नई दिल्ली। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AICC) ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत पांच राज्यों के लिए स्क्रीनिंग कमेटियों की घोषणा कर दी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव को तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है।
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दरअसल, वर्ष 2026 में तमिलनाडु, केरल, असम, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस ने अभी से संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। स्क्रीनिंग कमेटी का मुख्य कार्य उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को मजबूत और पारदर्शी बनाना होगा।

कौन हैं टीएस सिंहदेव?
टीएस सिंहदेव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। वे सरगुजा राजघराने के 118वें और वर्तमान महाराज हैं और राज्य में ‘सरगुजा महाराज’ के नाम से पहचाने जाते हैं। पूरा नाम त्रिभुवनेश्वर शरण सिंहदेव है।
राजशाही पृष्ठभूमि के बावजूद उनकी छवि एक सादगीपूर्ण, सौम्य और जमीन से जुड़े नेता की रही है। उनके व्यवहार और व्यक्तित्व की सादगी उन्हें आम लोगों से जोड़ती है।
राजनीतिक और पारिवारिक विरासत
31 अक्टूबर 1952 को जन्मे टीएस सिंहदेव, सरगुजा महाराज मदनेश्वर शरण सिंहदेव और राजमाता देवेंद्र कुमारी के पुत्र हैं। उनके पिता अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके थे, जबकि माता मंत्री पद पर रह चुकी थीं। राजनीति से उनका जुड़ाव बचपन से ही रहा है।
सिंहदेव परिवार का गांधी परिवार से भी पुराना संबंध रहा है। एक रोचक प्रसंग के अनुसार, 1950 के दशक में इलाहाबाद में एक रैली के दौरान पंडित जवाहरलाल नेहरू को टीएस सिंहदेव की लाल स्पोर्ट्स कार इतनी पसंद आई कि उसी कार में उन्होंने रैली की।
स्वतंत्रता आंदोलन में सरगुजा रियासत की भूमिका
सरगुजा रियासत का स्वतंत्रता संग्राम में भी अहम योगदान रहा है। 1939 के कांग्रेस के त्रिपुरी (जबलपुर) अधिवेशन में सरगुजा महाराज रामानुज शरण सिंहदेव ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नैतिक, आर्थिक और राजनीतिक समर्थन दिया। इस अधिवेशन की व्यवस्थाओं में सरगुजा रियासत की भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है।



