बस्तर। बस्तर जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायत करपावंड में मनरेगा के तहत कार्यरत अकुशल श्रमिकों को कौशल विकास से जोड़ने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत राजमिस्त्री का तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला प्रशासन की पहल पर गांव के 30 ऐसे युवा श्रमिकों का चयन किया गया, जिन्होंने मनरेगा योजनांतर्गत वर्षभर में न्यूनतम 60 दिवस का कार्य पूर्ण किया है।
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प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को राजमिस्त्री कार्य से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां दी गईं। इसमें चिनाई, प्लास्टरिंग, सतह समतलीकरण, सीमेंट–मोर्टार का सही अनुपात, गुणवत्ता नियंत्रण के मानक तथा निर्माण कार्य के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा व्यावहारिक रूप से संचालित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मनरेगा के अकुशल श्रमिकों को कुशल श्रम में परिवर्तित कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद ये श्रमिक अब कुशल राजमिस्त्री के रूप में कार्य कर सकेंगे और नियमित आजीविका अर्जित करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत क्षेत्र में बनने वाले आवासों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन आयोजित समापन समारोह में प्रतिभागी श्रमिकों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



