महासमुंद। जिले के पिथौरा तहसील कार्यालय में शुक्रवार को उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब क्षेत्र के दर्जनभर किसान तहसीलदार की कार्यशैली से नाराज़ होकर तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।
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धरना-प्रदर्शन में किसानों के साथ पिथौरा के पूर्व जनपद सदस्य जितेन्द्र सिन्हा और उनके समर्थक भी मौजूद रहे। किसानों का कहना था कि वे महीनों से जमीन से जुड़ी समस्याओं को लेकर तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
‘नजरी नक्शा नहीं बन रहा, महीनों से फाइलें अटकी’
बुंदेली बरेकेल, जामजुड़ा और पिथौरा क्षेत्र के किसानों ने आरोप लगाया कि नजरी नक्शा बनवाने के लिए बार-बार आवेदन देने के बावजूद काम अधर में लटका हुआ है। किसानों ने बताया कि कई बार तहसीलदार से मिलने के बावजूद महीनों बीत गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
दस्तावेज अधूरे, धान बेचने तक में परेशानी
किसान समे लाल और झगरू ने कहा कि जमीन से जुड़े दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण वे अपना धान तक नहीं बेच पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एक साल से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
पूर्व जनपद सदस्य हिरासत में, भड़के किसान
धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व जनपद सदस्य जितेन्द्र सिन्हा को हिरासत में लेकर पिथौरा थाना ले गई। इस कार्रवाई के बाद किसानों में और अधिक नाराजगी देखने को मिली और माहौल कुछ देर के लिए और तनावपूर्ण हो गया।
तहसीलदार का पक्ष
इस पूरे मामले पर पिथौरा तहसीलदार मनीषा देवांगन ने कहा कि वे फिलहाल प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) में हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्यालय लौटने के बाद किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।



